Sudesh Sangwan: 69 की उम्र में रचा इतिहास: सुदेश सांगवान बनीं भारत की सबसे उम्रदराज़ केटलबेल एथलीट, बेटे संग अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में जीते पदक
Sudesh Sangwan: 69 की उम्र में रचा इतिहास: सुदेश सांगवान बनीं भारत की सबसे उम्रदराज़ केटलबेल एथलीट, बेटे संग अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में जीते पदक
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
नई दिल्ली 69 वर्ष की आयु में जब ज़्यादातर लोग आराम और रिटायरमेंट के बारे में सोचते हैं, दिल्ली की सुदेश सांगवान ने न केवल भारत का नाम रोशन किया बल्कि यह भी साबित कर दिया कि जुनून, जज़्बा और लगन से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। सुदेश सांगवान ने स्पेन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय केटलबैल मैराथन चैंपियनशिप में सिल्वर और ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर न केवल इतिहास रचा बल्कि वह भारत की सबसे उम्रदराज़ महिला अंतरराष्ट्रीय केटलबेल एथलीट बन गईं।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि में उनका साथ उनके बेटे और कोच विनय सांगवान ने दिया, जिन्होंने इस प्रतियोगिता में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। स्पेन के इस टूर्नामेंट में 18 देशों के लगभग 250 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जिनमें भारत से आठ खिलाड़ी शामिल थे। सुदेश सांगवान और विनय सांगवान सहित वीना मलिक, मनीष कुमार रूहेल, दानिश नौशाद, प्रेमचंद राजपूत, देव्यांशी शेखावत और नीरव कोली ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया।
सुदेश ने बीते नवंबर 2024 में अपने बेटे विनय सांगवान के मार्गदर्शन में केटलबेल की ट्रेनिंग शुरू की थी। विनय सांगवान खुद छह बार केटलबेल वर्ल्ड चैंपियन रह चुके हैं। मात्र कुछ महीनों की कड़ी मेहनत और समर्पण से सुदेश ने न केवल राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई बल्कि फरवरी 2025 में दिल्ली में आयोजित भारतीय केटलबेल चैंपियनशिप में भी एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें पैरालंपियन डॉ. दीपा मलिक द्वारा सम्मानित किया गया।
मार्च 2025 में दिल्ली में आयोजित एक और प्रतियोगिता में उन्होंने 8 किलोग्राम वज़नी केटलबेल के साथ 30 मिनट में 416 स्नैच पूरे कर एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो उनकी उम्र की किसी भी भारतीय महिला एथलीट ने अब तक नहीं बनाया था। यह प्रदर्शन केवल खेल नहीं था – यह एक मजबूत संदेश था कि उम्र केवल एक संख्या है, और असली ताक़त आत्मविश्वास और निरंतर अभ्यास में छिपी होती है।
चैंपियनशिप समाप्त होने के बाद दिल्ली की पूरी टीम ने स्पेन स्थित भारतीय दूतावास में एम्बेसडर दिनेश कुमार पटनायक से मुलाक़ात की, जिन्होंने सभी खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के लिए शुभकामनाएं दीं।
सुदेश सांगवान की यह यात्रा महज़ पदकों की नहीं, बल्कि संकल्प, प्रेरणा और जज़्बे की कहानी है। वह आज उन सभी महिलाओं और बुज़ुर्गों के लिए एक प्रेरणास्त्रोत हैं जो सोचते हैं कि उनके बेहतरीन दिन बीत चुके हैं। हाथ में केटलबेल और दिल में जुनून लिए सुदेश सांगवान दुनिया को यह बता रही हैं कि शुरुआत कभी भी की जा सकती है – सपने देखने और उन्हें सच करने की कोई उम्र नहीं होती।
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🔶श्री सतीश गोलचा जी, IPS को दिल्ली पुलिस आयुक्त के रूप में कार्यभार संभालने पर हार्दिक बधाई @CPDelhi#DPUpdates pic.twitter.com/luIN3fgeTA
— Delhi Police (@DelhiPolice) August 22, 2025



