Delhi: दिल्ली फिर डूबेगी: कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने भाजपा सरकार को घेरा, जल भराव की भयावह स्थिति की चेतावनी
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
नई दिल्ली, 23 जून 2025 – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेंद्र यादव ने राजधानी दिल्ली में जल भराव की समस्या को लेकर एक बार फिर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा सरकार और उसकी अगुवाई में काम कर रहे विभाग जल भराव की त्रासदी से निपटने में पूरी तरह विफल हैं और इस बार भी दिल्लीवासी जल संकट व भारी अव्यवस्था झेलने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि “मैं दावे से कहता हूं कि इस बार फिर दिल्ली में जल त्रासदी होगी और पानी भरने के कारण शहर में हाहाकार मचेगा।”
देवेंद्र यादव ने भाजपा सरकार की नालों की सफाई और मानसून की तैयारियों को लेकर ढुलमुल रवैये की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पिछले दो बार की बारिश में जल भराव ने शहर की सड़कों को नदी में तब्दील कर दिया और सरकार ने कोई सबक नहीं लिया। उन्होंने पीडब्ल्यूडी द्वारा जारी रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि राजधानी में जल भराव संभावित स्थानों की संख्या 375 से बढ़कर अब 410 हो गई है, जिनमें से 71 स्थान ‘अत्यंत संवेदनशील’ श्रेणी में आते हैं जहां हर बार भारी जल जमाव होता है।
उन्होंने आम आदमी पार्टी की पूर्व सरकार और वर्तमान भाजपा शासन दोनों को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि दिल्लीवासियों को केवल बयानों और खोखले वादों से बहलाया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के उस बयान को गैरजिम्मेदाराना बताया जिसमें उन्होंने कहा था कि “बारिश एक प्राकृतिक घटना है, ऐसा नहीं है कि नीचे तवा रखा हो जिससे पानी तुरंत वाष्पित हो जाए।” यादव ने कहा कि यह टिप्पणी बताती है कि सरकार समस्या को समझने और उसे हल करने की बजाय मजाक बना रही है।
देवेंद्र यादव ने कहा कि मानसून अब दरवाजे पर है, मौसम विभाग के अनुसार 24 जून को बारिश दिल्ली में दस्तक दे देगी, लेकिन मुख्यमंत्री और पीडब्ल्यूडी मंत्री परवेश वर्मा इसके लिए तैयार नहीं दिखते। उन्होंने कहा कि सरकार की घोषणाएं महज कागजी साबित हो रही हैं। उदाहरणस्वरूप, पीडब्ल्यूडी द्वारा नालों से गाद निकालने के लिए 15 जून तक की समय सीमा निर्धारित की गई थी, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक केवल 60.47% सफाई ही हो सकी है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का दावा था कि 25 मार्च तक दिल्ली को जल भराव से मुक्त कर देंगे, लेकिन यह दावा न केवल झूठा निकला, बल्कि अब तो स्थिति और भी गंभीर हो गई है। जब 24 जून से बारिश शुरू हो रही है, ऐसे में 30 जून तक सफाई की बात करना अव्यावहारिक है। अब जब समय खत्म हो चुका है, तो नालों की सफाई पूरी तरह असंभव है और इसका परिणाम जनता को भुगतना पड़ेगा।
यादव ने यह भी बताया कि पीडब्ल्यूडी ने हाल ही में एक समन्वय बैठक की थी जिसमें दिल्ली नगर निगम, जल बोर्ड, डूसिब, मेट्रो, सिंचाई एवं उघोग विभाग, और नेशनल हाईवे अथॉरिटी के प्रतिनिधियों को बुलाया गया था। लेकिन यह बैठक भी किसी ठोस समाधान तक नहीं पहुंच सकी और सभी विभाग जल भराव की समस्या पर असहाय नजर आए।
उन्होंने दिल्ली के 71 प्रमुख जल भराव वाले हॉटस्पॉट की सूची भी सार्वजनिक की जिसमें 13 रिंग रोड, 11 ओल्ड और न्यू रोहतक रोड, 9 बाहरी रिंग रोड, मॉल रोड एक्सटेंशन, भैरो मार्ग, अनुव्रत मार्ग, बुराड़ी और नजफगढ़ रोड जैसे स्थान शामिल हैं, जहां हर बार बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है। कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार इनमें से एक भी स्थान को लेकर कोई ठोस योजना या समाधान नहीं दे पाई है।
अंत में, देवेंद्र यादव ने कहा कि जब सरकारें अपने कर्तव्यों से मुंह मोड़ लेती हैं, तो जनता को प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता झेलनी पड़ती है। उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे सतर्क रहें और मानसून में जल भराव से जुड़ी समस्या के लिए खुद भी तैयार रहें क्योंकि सरकार से कोई उम्मीद नहीं की जा सकती।



