NDMC में विरासत और विकास का संगम: स्कल्पचर पार्क से लेकर यंग आर्टिस्ट्स को मंच देने तक, कुलजीत चहल ने पेश किया सांस्कृतिक विकास का रोडमैप
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) के उपाध्यक्ष कुलजीत चहल ने राजधानी को सांस्कृतिक और कलात्मक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में NDMC क्षेत्र को एक वाइब्रेंट कल्चरल डिस्ट्रिक्ट के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ाया जाएगा।
कुलजीत चहल ने कहा, “नई संसद का निर्माण, राजपथ का कर्तव्यपथ में रूपांतरण—यह विकास की उस सोच का हिस्सा है जिसमें विरासत का सम्मान भी शामिल है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए अब हम कोपरनिकस मार्ग से मंडी हाउस की ओर जाने वाले पूरे क्षेत्र को एक भव्य ‘स्कल्पचर ज़ोन’ के रूप में विकसित करने जा रहे हैं।”
यह क्षेत्र मंडी हाउस, फिक्की, त्रिवेणी कला संगम जैसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक केंद्रों को जोड़ेगा। इस पहल के तहत भारत के प्रसिद्ध मूर्तिकारों—वेद नायर, विमान बिहारी दास, केएस राधाकृष्णन, नावजी पटेल आदि—द्वारा बनाई गई कलाकृतियां स्थापित की जाएंगी। पहले चरण में कुल 15 मूर्तिकारों के स्कल्पचर लगाए जाएंगे। यह निर्णय NDMC की विशेष समिति द्वारा अंतिम रूप दिया जाएगा।
NDMC इस कार्य को ललित कला अकादमी और अन्य प्रमुख सांस्कृतिक संस्थानों के साथ मिलकर आगे बढ़ाएगी। चहल ने बताया कि ये स्कल्पचर कांस्य (ब्रॉन्ज) और धातु (मेटल) से बने होंगे और रात के समय विशेष प्रकाश व्यवस्था से जगमगाएंगे। उन्होंने कहा कि जैसे नॉर्वे, जापान, फ्रांस और यूके जैसे देशों में स्कल्पचर पार्क हैं, वैसे ही अब भारत की राजधानी दिल्ली में भी एक समर्पित और विश्वस्तरीय स्कल्पचर पार्क स्थापित किया जाएगा।
अभी तक कलाकारों के कार्य देखने के लिए लोगों को देशभर में अलग-अलग जगह जाना पड़ता था, लेकिन अब दिल्ली में एक ही स्थान पर सभी प्रमुख कलाकारों की कृतियों को देखने का अवसर मिलेगा। अक्टूबर और नवंबर में NDMC एक महीने लंबा कार्यक्रम आयोजित करेगी, जिसमें 10 राष्ट्रीय और 5 अंतरराष्ट्रीय कलाकार हिस्सा लेंगे।
युवाओं को प्रोत्साहन देने के लिए NDMC खान मार्केट क्षेत्र में नेशनल अवॉर्ड विजेता युवा कलाकारों के लिए विशेष स्थान विकसित करेगी। जुलाई में यंग आर्टिस्ट्स को नेहरू पार्क में अपनी कला प्रस्तुत करने के लिए मंच दिया जाएगा।
इसके अलावा नेहरू सेंट्रल पार्क में एक क्लासिकल म्यूजिक फेस्टिवल आयोजित करने की योजना पर भी NDMC कार्य कर रही है। चहल ने बताया कि NDMC के अंतर्गत संगीत अकादमी, नाटक विद्यालय और कला संस्थान पहले से ही मौजूद हैं, जिनसे इस सांस्कृतिक अभियान को और बल मिलेगा।
NDMC ने इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए विस्तृत दस्तावेज तैयार कर लिया है और एक समर्पित बजट भी निर्धारित किया गया है। कुलजीत चहल ने कहा, “हम विकसित भारत की ओर बढ़ रहे हैं, और इसमें कलाकारों को भी साथ लेकर चलेंगे। विकास और विरासत दोनों को संतुलित करते हुए NDMC एक नई सांस्कृतिक पहचान गढ़ेगा।”