AIIMS Delhi Violence: एम्स अस्पताल में तीमारदारों और रिकवरी वैन कर्मचारियों में झगड़ा, CCTV जांच के बाद तय होगी सच्चाई
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित एम्स अस्पताल में मंगलवार रात एक गंभीर विवाद खड़ा हो गया। मरीज के तीमारदारों और प्राइवेट रिकवरी वैन स्टाफ के बीच जमकर झगड़ा हुआ, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। यह घटना रात लगभग 9 बजे न्यू प्राइवेट वार्ड के पास की है, जहां एक रिकवरी वैन को नो पार्किंग जोन में खड़ा करने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट तक की नौबत आ गई।
इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि मरीज के तीमारदार, जिनमें कुछ युवक शामिल थे, रिकवरी वैन के एक कर्मचारी के साथ हाथापाई कर रहे हैं। मौके पर मौजूद एम्स अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड स्थिति को शांत करने की कोशिश करते दिखे, लेकिन झगड़ा काफी देर तक चलता रहा। वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि हमला करने वाले युवक बार-बार रोकने के बावजूद मारपीट करने की कोशिश कर रहे थे।
सूचना मिलते ही पुलिस को इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। झगड़ा बढ़ने के बाद दोनों पक्ष — मरीज पक्ष के युवक और रिकवरी वैन कर्मचारी — दक्षिणी दिल्ली के हौज खास थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने दोनों पक्षों से अलग-अलग पूछताछ की। रात करीब आधी रात तक थाना परिसर में दोनों पक्षों की उपस्थिति बनी रही। पत्रकार जब तीमारदारों से बातचीत करने पहुंचे, तो उन्होंने चुप्पी साध ली और किसी भी बयान से इनकार कर दिया।
दूसरी ओर, रिकवरी वैन स्टाफ ने बताया कि उनकी गाड़ी पिछले कई घंटों से न्यू प्राइवेट वार्ड के पास नो पार्किंग में खड़ी थी। उन्होंने तीमारदारों से कई बार अनुरोध किया कि गाड़ी हटा लें, लेकिन जब बार-बार कहने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो उन्होंने चालान काटने की बात कही। इसी बात को लेकर तीमारदार भड़क गए और हमला कर दिया।
झगड़े में दोनों पक्षों को मामूली चोटें आई हैं। सभी घायल व्यक्तियों का मेडिकल परीक्षण एम्स ट्रॉमा सेंटर में करवाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, खबर लिखे जाने तक इस मामले में कोई FIR दर्ज नहीं हुई थी। दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है और मामले की जांच जारी है।
हौज खास थाना पुलिस ने बताया कि सच्चाई जानने के लिए एम्स अस्पताल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि झगड़े की शुरुआत किस पक्ष से हुई और वास्तव में कौन दोषी है।



