India vs England 4th Test Draw: जडेजा और सुंदर की शतकीय दीवार से इंग्लैंड का सपना टूटा, भारत को मिली सीरीज बराबरी की उम्मीद
भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया चौथा टेस्ट मैच रोमांचक उतार-चढ़ाव के बाद ड्रॉ पर समाप्त हुआ। यह मुकाबला टीम इंडिया के जज्बे, धैर्य और दमदार बल्लेबाजी के लिए लंबे समय तक याद रखा जाएगा। पहली पारी में 311 रनों से पिछड़ने के बावजूद भारतीय टीम ने दूसरी पारी में शानदार वापसी करते हुए मैच को बचा लिया। इस संघर्ष में रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर भारतीय टीम के लिए असली हीरो बनकर उभरे।
इंग्लैंड को 311 रन की मजबूत बढ़त पहली पारी में
मैच की शुरुआत इंग्लैंड के टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनने से हुई। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 358 रन बनाए। इसके बाद इंग्लैंड ने जबरदस्त बल्लेबाजी की और 669 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। पहली पारी के आधार पर इंग्लैंड को 311 रन की मजबूत बढ़त मिली।
टीम इंडिया का स्कोर 0/2 था
दूसरी पारी में भारत की शुरुआत बेहद खराब रही। पहले ही ओवर में यशस्वी जायसवाल और साई सुदर्शन बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। टीम इंडिया का स्कोर 0/2 था और मुकाबला पूरी तरह इंग्लैंड के पक्ष में झुकता नजर आ रहा था। लेकिन ऐसे कठिन समय में कप्तान शुभमन गिल और अनुभवी केएल राहुल ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 188 रन की अहम साझेदारी कर मैच को स्थिरता दी। राहुल ने 90 रन और गिल ने 103 रन की शानदार पारी खेली।
रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर ने कमाल का संयम दिखाया
इसके बाद क्रीज पर आए रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर ने कमाल का संयम दिखाया। दोनों बल्लेबाज इंग्लिश गेंदबाजों के सामने अडिग रहे और अंत तक आउट नहीं हुए। जडेजा ने 101 और सुंदर ने 107 रन बनाकर शतक जड़े। इन दोनों की अटूट साझेदारी और धैर्यपूर्ण खेल के दम पर भारत ने 425/4 का स्कोर खड़ा किया और मैच को ड्रॉ करवाने में सफलता पाई।
इस मुकाबले में भारतीय टीम के लिए यह भी ऐतिहासिक रहा कि तीसरी पारी में उसके तीन बल्लेबाजों—शुभमन गिल, रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर—ने शतक जड़े। टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के लिए यह दुर्लभ उपलब्धि है, क्योंकि आमतौर पर तीसरी पारी में इतने बड़े स्कोर नहीं बनते।
सीरीज का अंतिम और निर्णायक टेस्ट 31 जुलाई को
इंग्लैंड की टीम, जो पहली पारी में दबदबा बनाकर मैदान पर उतरी थी, अंत में केवल हाथ मिलाने पर मजबूर रह गई। रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर की साझेदारी ने इंग्लैंड की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अब सीरीज का अंतिम और निर्णायक टेस्ट 31 जुलाई से खेला जाएगा। भारत इस वक्त 1-2 से पीछे है, लेकिन इस ड्रॉ ने उसे सीरीज बराबरी का सुनहरा मौका दे दिया है। अगर भारत आखिरी टेस्ट जीतता है, तो वह सीरीज 2-2 से बराबर कर लेगा।


