RML Hospital NABH Accreditation: केंद्र सरकार का पहला अस्पताल बना डॉ. राम मनोहर लोहिया, नई दिल्ली — NABH 5वें संस्करण के मानकों के अनुसार पूर्ण मान्यता हासिल
रिपोर्ट – हेमंत कुमार।
नई दिल्ली, अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्विज्ञान संस्थान (ABVIMS) एवं डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल ने एक ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया है। अस्पताल को राष्ट्रीय अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाता प्रत्यायन बोर्ड (NABH) से नवीनतम 5वें संस्करण के मानकों के अनुसार पूर्ण मान्यता प्राप्त हुई है, जिससे यह उपलब्धि हासिल करने वाला यह देश का पहला केंद्र सरकार का अस्पताल बन गया है।
इस ऐतिहासिक सफलता के उपलक्ष्य में अस्पताल परिसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें निदेशक डॉ. (प्रो.) अशोक कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. (प्रो.) विवेक दीवान, डीन डॉ. आरती मारिया, गुणवत्ता एवं मान्यता समिति के अध्यक्ष डॉ. (प्रो.) समीक भट्टाचार्य, नोडल अधिकारी डॉ. पारुल गोयल और समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
निदेशक डॉ. (प्रो.) अशोक कुमार ने सभी कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल अस्पताल की टीम वर्क का परिणाम है, बल्कि यह इस संस्थान को अन्य केंद्र सरकार के अस्पतालों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण भी बनाती है। उन्होंने बुनियादी ढांचे के उन्नयन, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयासों को इस सफलता का आधार बताया।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. (प्रो.) विवेक दीवान ने कहा कि NABH प्रक्रिया ने अस्पताल में मरीज सुरक्षा, नैदानिक प्रोटोकॉल और सेवा वितरण में एक नया मानक स्थापित किया है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दो वर्षों में इस मान्यता की तैयारी के दौरान अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों से लेकर वरिष्ठ प्रबंधन तक सभी ने मिलकर अथक मेहनत की।
डीन डॉ. आरती मारिया ने कहा कि यह मंज़िल नहीं, बल्कि गुणवत्ता और सुरक्षा में उत्कृष्टता की ओर यात्रा का प्रारंभ है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि निरंतर सुधार की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
गुणवत्ता एवं मान्यता समिति के अध्यक्ष डॉ. (प्रो.) समीक भट्टाचार्य ने पूरी तैयारी का विवरण देते हुए बताया कि अस्पताल के 31 विभागों ने NABH मानकों के अनुरूप SOPs तैयार कीं, 150 से अधिक नए प्रपत्र लागू किए, और व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए गए जिनमें बेसिक लाइफ सपोर्ट, अग्नि सुरक्षा, कोड पिंक, कोड ब्लू, कोड रेड, कोड येलो और कोड वायलेट जैसे अभ्यास शामिल थे। NABH मूल्यांकनकर्ताओं ने 36 विभागों और 15 नैदानिक भवनों में कुल 561 मानकों का ऑडिट किया।
नोडल अधिकारी डॉ. पारुल गोयल ने कहा कि यह बदलाव केवल दस्तावेज़ी नहीं, बल्कि वास्तविक था। उन्होंने कई उदाहरण दिए कि कैसे प्रशिक्षित स्टाफ ने कोड पिंक और कोड ब्लू की स्थितियों में तुरंत कार्रवाई करके जान बचाई। उन्होंने कहा कि अब गुणवत्ता और सुरक्षा की संस्कृति अस्पताल के हर कर्मचारी में गहराई से समाहित हो चुकी है।
NABH 5वें संस्करण की मान्यता — यह भारत में अस्पतालों के लिए सबसे कड़े गुणवत्ता मानकों में से एक है, जिसमें मरीजों के अधिकार, संक्रमण नियंत्रण, निरंतर गुणवत्ता सुधार, सुविधा प्रबंधन और शासन के उच्च मानक शामिल हैं।
1,500 इनपेशेंट बेड, रोज़ाना 7,000 से अधिक OPD मरीज और 100-150 आपातकालीन मामलों के साथ, ABVIMS और RML अस्पताल की यह उपलब्धि न केवल उनके समर्पण का प्रमाण है बल्कि आने वाले समय में सभी केंद्र सरकार के अस्पतालों के लिए एक राष्ट्रीय मानक भी तय करती है।



