Laborate Pharmaceuticals: EU-GMP सर्टिफिकेशन से मजबूत होगी वैश्विक उपस्थिति
रिपोर्ट – हेमंत कुमार।
नई दिल्ली। भारतीय दवा उद्योग की प्रमुख कंपनी लेबोरेट फार्मास्यूटिकल्स (Laborate Pharmaceuticals) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हिमाचल प्रदेश के पौंटा साहिब स्थित इसके अत्याधुनिक उत्पादन संयंत्र को यूरोपियन यूनियन गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (EU-GMP) सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि कंपनी की गुणवत्ता और वैश्विक मानकों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उत्पादन संयंत्र और इसकी विशेषताएँ
कंपनी का यह संयंत्र करीब 1.57 लाख वर्ग फुट में फैला हुआ है, जिसमें से 53,000 वर्ग फुट उत्पादन गतिविधियों के लिए आरक्षित है। यहाँ मुख्य रूप से टैबलेट और कैप्सूल का उत्पादन होता है। संयंत्र में आधुनिक स्वचालित प्रणाली, विश्वस्तरीय गुणवत्ता नियंत्रण और उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।
EU-GMP प्रमाणन प्राप्त करने से पहले संयंत्र का गहन मूल्यांकन किया गया था, जिसमें उत्पादन प्रक्रियाएँ, डॉक्युमेंटेशन और गुणवत्ता मानक शामिल थे।
निदेशक का बयान
लेबोरेट फार्मास्यूटिकल्स के निदेशक पराग भाटिया ने कहा,
“EU-GMP सर्टिफिकेशन हमारे लिए केवल एक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह वैश्विक स्वास्थ्य सेवा को और सशक्त बनाने का ठोस कदम है। अब हम यूरोप, यूके और अन्य रेगुलेटेड बाजारों में सुरक्षित और विश्वसनीय दवाएँ उपलब्ध करा सकेंगे।”
उन्होंने बताया कि कंपनी यूरोप और यूनाइटेड किंगडम की कई दवा कंपनियों के साथ को-डेवलपमेंट और कमर्शियल सप्लाई के अवसर तलाश रही है। इन साझेदारियों से कंपनी के पोर्टफोलियो को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
अंतरराष्ट्रीय विस्तार की योजना
कंपनी आने वाले पाँच महीनों में यूरोप, यूके, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के लिए 20 नई दवाओं की रेगुलेटरी अप्रूवल फाइल करने की योजना बना रही है। साथ ही GCC (गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल) और EAEU (यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन) देशों के लिए भी प्रमाणन प्रक्रिया जारी है।
अनुमान है कि अगले पाँच वर्षों में कंपनी की अंतरराष्ट्रीय कमाई में 100 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी होगी।
कंपनी की पृष्ठभूमि
1985 में स्थापित लेबोरेट फार्मास्यूटिकल्स आज 55 से अधिक देशों में उपस्थिति दर्ज करा चुकी है। कंपनी का फोकस मुख्य रूप से –
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CVS (Cardiovascular)
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डायबिटीज
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दर्द प्रबंधन
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CNS (Central Nervous System)
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और सामान्य चिकित्सकीय दवाएँ
इससे पहले कंपनी को WHO-GMP जैसे वैश्विक प्रमाणन मिल चुके हैं। EU-GMP सर्टिफिकेशन ने इसे और अधिक प्रतिस्पर्धी और विश्वसनीय बना दिया है।
भारतीय फार्मा सेक्टर के लिए मायने
लेबोरेट फार्मास्यूटिकल्स की यह उपलब्धि न केवल कंपनी की उपलब्धि है, बल्कि यह भारतीय फार्मा उद्योग की वैश्विक क्षमता को भी दर्शाती है। भारत अब दुनिया के लिए दवाओं का एक भरोसेमंद और सशक्त केंद्र बन चुका है।
Laborate Pharmaceuticals का EU-GMP प्रमाणन इसे वैश्विक मंच पर और मजबूत बनाता है। इससे न केवल कंपनी की अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी बढ़ेगी बल्कि भारत का फार्मा सेक्टर भी और अधिक सशक्त रूप से उभरेगा।



