दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई: 7 महीने बाद कुख्यात लुटेरा गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (नॉर्दर्न रेंज-I) को बड़ी सफलता मिली है। थाना कंझावला में दर्ज लूट के एक मामले में वांछित और घोषित भगोड़ा अपराधी अनिल पुत्र सुनील को करीब 7 महीने बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को पहले ही रोहिणी कोर्ट द्वारा भगोड़ा अपराधी (PO) घोषित किया जा चुका था।
लूट की वारदात का पूरा मामला
25 मई 2025 को आरोपी अनिल ने अपने साथी दीपक के साथ मिलकर शिकायतकर्ता सवेद पुत्र परवेश, निवासी कानपुर (उत्तर प्रदेश) से मोबाइल फोन लूट लिया था। घटना के दौरान सह-आरोपी दीपक को मौके पर ही पकड़ लिया गया था, जबकि अनिल मोबाइल फोन लेकर फरार हो गया था।
पुलिस द्वारा लगातार दबिश और तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन आरोपी अलग-अलग स्थानों पर छिपता रहा। बाद में 06 दिसंबर 2025 को माननीय जेएमएफसी, रोहिणी कोर्ट ने उसे भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया।
गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तारी
01 जनवरी 2026 को क्राइम ब्रांच, नॉर्दर्न रेंज-I को सूचना मिली कि आरोपी अनिल जेजे कॉलोनी, बवाना में अपनी मां से मिलने आने वाला है। इस सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर पुखराज सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें SI निरंजन, ASI पवन, HC हरजीत, HC सचिन, HC नरेंद्र और HC मुकेश शामिल थे।
टीम ने ACP श्री अशोक शर्मा के समग्र पर्यवेक्षण में त्वरित कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया और आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
पहले से आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी अनिल पहले से ही छीनाझपटी और लूट से जुड़े 7 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। वह थाना नरेला इंडस्ट्रियल एरिया का घोषित बैड कैरेक्टर (BC) भी है।
आरोपी की प्रोफाइल
आरोपी मूल रूप से मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है। उसने दिल्ली के एक सरकारी स्कूल से आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की है। उसके परिवार में उसकी मां और दो छोटी बहनें हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी स्मैक और गांजा का आदी है।
पुलिस का बयान
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने कहा है कि इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।


