Home State Delhi NCR Gurmukhi Script Research Centre Laid: दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी ने गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज में रिसर्च सेंटर की नींव रखी

Gurmukhi Script Research Centre Laid: दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी ने गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज में रिसर्च सेंटर की नींव रखी

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Gurmukhi Script Research Centre Laid: दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी ने गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज में रिसर्च सेंटर की नींव रखी

Gurmukhi Script Research Centre Laid: दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी ने गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज में रिसर्च सेंटर की नींव रखी

रिपोर्ट: हेमंत कुमार

दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी ने गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज में गुरुमुखी स्क्रिप्ट रिसर्च सेंटर की नींव रखी। इस अवसर पर दिल्ली के कैबिनेट मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और महासचिव सरदार जगदीप सिंह कहलों विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। तीनों नेताओं ने मिलकर रिसर्च सेंटर की नींव रखी।

मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि गुरुमुखी केवल एक स्क्रिप्ट नहीं है, बल्कि यह हमारी सोच, हमारी संस्कृति और हमारी पहचान है। उन्होंने बताया कि यह लिपि हमें गुरु साहिब की कृपा से मिली है और यह हमारी मातृभाषा का प्रतीक है। सरदार सिरसा ने आगे कहा कि आज पंजाबी अपनी मातृभाषा के कारण देश-विदेश में अपनी पहचान बना रहे हैं। गुरुमुखी लिपि ने सिख समुदाय को एक विशेष पहचान दी है और पूरी दुनिया मानती है कि संकट के समय यह देश इंसानियत की सेवा में सबसे आगे रहता है।

कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका और महासचिव सरदार जगदीप सिंह कहलों ने कहा कि रिसर्च सेंटर में सबसे योग्य शिक्षकों की नियुक्ति कर गुरुमुखी लिपि पर गहन अध्ययन और रिसर्च की जाएगी। उन्होंने बताया कि रिसर्च तभी सफल होगी जब हम अपनी भाषा को अपनाएं और इसका दैनिक जीवन में इस्तेमाल बढ़ाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि घरों में गुरुमुखी और पंजाबी भाषा का प्रयोग कम हो रहा है, इसे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जबकि इंग्लिश सामाजिक और व्यावसायिक दृष्टि से आवश्यक है, मातृभाषा पंजाबी के संरक्षण और प्रचार के लिए प्रयास तेज करने होंगे।

सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा के योगदान की भी चर्चा की गई, जिसमें उन्होंने पंजाबी मातृभाषा के प्रचार-प्रसार और कमेटी के कार्यकाल के दौरान कोरोना महामारी में मेडिकल क्षेत्र में की गई सेवाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह रिसर्च सेंटर देश और विदेश में पंजाबी मातृभाषा को बढ़ावा देने और फैलाने में मददगार साबित होगा।

इस रिसर्च सेंटर की स्थापना से गुरुमुखी लिपि की महत्ता को बढ़ावा मिलेगा और आने वाली पीढ़ियों को अपनी भाषा, संस्कृति और पहचान के प्रति जागरूक किया जा सकेगा।

 

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