Delhi Encounter: दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कैफे शूटआउट के मुख्य आरोपी मोईन कुरैशी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
रिपोर्ट: मनमीन वालिया
सीपी के निर्देश पर दिल्ली पुलिस द्वारा गैंगस्टर और अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान जारी है। इसी क्रम में एनडीआर स्पेशल सेल की इंस्पेक्टर संजय गुप्ता और पंकज की टीम को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने वेलकम एरिया कैफे शूटआउट और हत्या मामले के मुख्य आरोपी मोहम्मद मोईन कुरैशी को तिमारपुर इलाके से तड़के मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक 30 जनवरी की रात वेलकम एरिया स्थित एक कैफे में फायरिंग की घटना हुई थी, जिसमें फैजान नामक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद आरोपी की पहचान सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के जरिए हुई। आरोपी मोईन कुरैशी ने हत्या के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड कर खुद इस अपराध को अंजाम देने की बात कबूल की थी, जिसके बाद वह अंडरग्राउंड हो गया था।
करीब एक हफ्ते से अधिक समय तक चली मेहनत के बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी ट्रांस-यमुना और आसपास के इलाकों में मूवमेंट कर सकता है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की। तड़के जब आरोपी बाइक से जा रहा था, पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन उसने भागने के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। चेतावनी के बावजूद आरोपी ने दोबारा गोली चलाई, जिसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। इस दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी और मृतक फैजान एक-दूसरे को पहले से जानते थे। दोनों के बीच 30 हजार रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार फैजान द्वारा पैसे वापस मांगे जाने पर विवाद बढ़ा और इसी रंजिश में आरोपी ने उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने बताया कि मोईन कुरैशी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वह पहले वाहन चोरी समेत अन्य मामलों में शामिल रहा है और 2025 में जामा मस्जिद इलाके के एक केस में गिरफ्तार होकर जेल भी जा चुका है। जेल से बाहर आने के बाद भी उसने आपराधिक गतिविधियां जारी रखीं।
दिल्ली पुलिस ने साफ कहा है कि अपराध को सोशल मीडिया पर ग्लोरिफाई करने या उसे जायज ठहराने की कोशिश करने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आरोपी के अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी, जिसमें हथियार की बरामदगी और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच की जाएगी।


