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Delhi Police Book Bank Initiative: पश्चिमी दिल्ली पुलिस की अनोखी पहल, “बुक बैंक इनिशिएटिव” से जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाई शिक्षा की रोशनी

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Delhi Police Book Bank Initiative: पश्चिमी दिल्ली पुलिस की अनोखी पहल, “बुक बैंक इनिशिएटिव” से जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाई शिक्षा की रोशनी

Delhi Police Book Bank Initiative: पश्चिमी दिल्ली पुलिस की अनोखी पहल, “बुक बैंक इनिशिएटिव” से जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाई शिक्षा की रोशनी

रिपोर्ट: मनमीन वालिया

पश्चिमी दिल्ली पुलिस ने कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत एक सराहनीय पहल की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाना है। “बुक बैंक इनिशिएटिव” के माध्यम से दिल्ली पुलिस पश्चिमी ज़िला आम नागरिकों, पुलिसकर्मियों, उनके परिजनों और स्कूल-कॉलेज के छात्रों से अपील कर रही है कि वे अपनी पुरानी लेकिन उपयोगी किताबें दान करें, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की पढ़ाई में मदद मिल सके।

पश्चिमी दिल्ली के डीसीपी ने बताया कि इस पहल का मकसद उन बच्चों तक किताबें पहुंचाना है, जो आर्थिक कारणों से नई किताबें खरीदने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि कई परिवार ऐसे हैं जहां बच्चों की पढ़ाई केवल इसलिए प्रभावित होती है क्योंकि उनके पास आवश्यक अध्ययन सामग्री उपलब्ध नहीं होती। ऐसे में यह बुक बैंक अभियान शिक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत सामाजिक सहयोग की मिसाल बन सकता है।

इस अभियान के तहत एक क्यूआर कोड (QR Code) जारी किया गया है, जिसके लिंक के माध्यम से इच्छुक व्यक्ति स्वयं को रजिस्टर कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के दौरान यह विकल्प भी उपलब्ध है कि व्यक्ति किताबें दान करना चाहता है या प्राप्त करना। रजिस्ट्रेशन के बाद कम्युनिटी पुलिसिंग टीम संबंधित व्यक्ति से संपर्क कर किताबों का संकलन करेगी।

डीसीपी ने जानकारी दी कि एकत्रित की गई पुस्तकों का वितरण दिल्ली पुलिस वीक के दौरान एक विशेष कार्यक्रम में जरूरतमंद बच्चों को किया जाएगा। इसके अलावा जो किताबें शेष बचेंगी, उन्हें पश्चिमी ज़िले के विभिन्न थानों में स्थापित लाइब्रेरी में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि हर थाने में लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई है, जहां बच्चों को न केवल किताबें बल्कि कंप्यूटर और इंटरनेट सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वे डिजिटल शिक्षा से भी जुड़ सकें।

इस पहल को जनता से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। पिछले तीन दिनों में ही लगभग 5000 किताबें डीसीपी कार्यालय में एकत्रित हो चुकी हैं। आने वाले दिनों में इस संख्या के और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि यदि समाज का हर वर्ग इस अभियान से जुड़ता है, तो हजारों बच्चों की शिक्षा यात्रा को नई दिशा मिल सकती है।

पश्चिमी दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे बढ़-चढ़कर इस मुहिम का हिस्सा बनें और अपनी पुरानी किताबों को नया उद्देश्य दें। एक छोटी सी पहल किसी बच्चे के भविष्य को संवार सकती है और उसे आगे बढ़ने का अवसर दे सकती है।

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