Aluminium Bharat Initiative: ALEMAI ने लॉन्च की बड़ी पहल, भारत के एल्युमिनियम सेक्टर को मिलेगा वैश्विक मंच
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
नई दिल्ली में एल्युमिनियम इंडस्ट्री को मजबूती देने के लिए एक बड़ी पहल की शुरुआत की गई है। एल्युमिनियम एक्सट्रूज़न मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALEMAI) ने ‘एल्युमिनियम भारत’ नामक महत्वाकांक्षी पहल का औपचारिक शुभारंभ किया है। इस पहल का उद्देश्य देश के एल्युमिनियम सेक्टर को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाना और मौजूदा चुनौतियों का समाधान करना है।
कार्यक्रम का उद्घाटन वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत एल्युमिनियम मैन्युफैक्चरिंग में अपनी स्थिति को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और सरकार उद्योग को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस पहल के तहत नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत और अंतरराष्ट्रीय स्टेकहोल्डर्स को एक साझा मंच पर लाने की योजना बनाई गई है, ताकि एल्युमिनियम वैल्यू चेन को मजबूत किया जा सके और निवेश व उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके।
ALEMAI ने घोषणा की है कि ‘एल्युमिनियम भारत’ के तहत 2026 में गुजरात के गांधीनगर स्थित हेलिपैड एग्जीबिशन सेंटर में 26 से 29 सितंबर तक एक विशाल अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इस प्रदर्शनी में एल्युमिनियम उद्योग की पूरी वैल्यू चेन को प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे भारत को वैश्विक एल्युमिनियम हब के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम में उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों ने सेक्टर की मौजूदा चुनौतियों को भी प्रमुखता से उठाया। जितेंद्र चोपड़ा ने बताया कि एल्युमिनियम का मिडस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम सेक्टर इस समय गंभीर दबाव में है और उत्पादन में 40 से 50 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। जबकि देश की कुल क्षमता 4.2 मिलियन टन होने के बावजूद उसका पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार सबसे बड़ी समस्या कच्चे माल की कमी और ऊर्जा की बढ़ती लागत है। स्क्रैप की अनुपलब्धता और सस्ते आयात ने घरेलू उद्योग पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा दिया है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव, सप्लाई चेन बाधाएं, ट्रांसपोर्ट लागत और टैरिफ असंतुलन भी बड़ी चुनौतियां बनकर उभरे हैं।
एमएसएमई सेक्टर, जो इस उद्योग की रीढ़ माना जाता है, सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। विशेषज्ञों ने कहा कि सरकार और उद्योग को मिलकर काम करना होगा ताकि यह सेक्टर आत्मनिर्भर बन सके और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सके।
एल्युमिनियम सेक्टर भारत की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाता है और इसमें 10 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डाउनस्ट्रीम सेक्टर को मजबूती मिलती है, तो यह भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।



