CNAP India: कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP): अब मोबाइल स्क्रीन पर दिखेगा कॉल करने वाले का असली नाम, साइबर ठगी पर लगेगी लगाम
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
भारत सरकार ने साइबर सुरक्षा और टेलीकॉम धोखाधड़ी पर नकेल कसने के लिए एक नई तकनीकी पहल शुरू की है — कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP)। इस योजना को भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) और दूरसंचार विभाग (DoT) ने मिलकर लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अब किसी कॉल के दौरान फोन स्क्रीन पर कॉल करने वाले व्यक्ति का सत्यापित नाम दिखाई देगा — न कि कोई अनुमानित या crowd-sourced नाम जैसा Truecaller जैसे ऐप दिखाते हैं।
यह सुविधा डिफ़ॉल्ट रूप से सक्रिय होगी और 4G तथा नए नेटवर्क पर चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। CNAP का मुख्य उद्देश्य है — मोबाइल संचार में पारदर्शिता बढ़ाना, धोखाधड़ी और पहचान की चोरी को रोकना, और नागरिकों का विश्वास बहाल करना।
CNAP कैसे काम करेगा
CNAP व्यवस्था में जब कोई व्यक्ति कॉल करेगा, तो उसके SIM पंजीकरण के समय दर्ज किया गया सत्यापित नाम कॉल रिसीवर की स्क्रीन पर स्वतः प्रदर्शित होगा। वर्तमान में उपयोगकर्ता केवल कॉलर का नंबर देख पाते हैं, जिससे फर्जी पहचान वाले कॉल्स का खतरा बना रहता है। अब सत्यापित पहचान दिखने से धोखेबाजों के लिए लोगों को भ्रमित करना मुश्किल हो जाएगा। उपयोगकर्ता चाहें तो इस सुविधा को निष्क्रिय भी कर सकते हैं।
नागरिकों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को होगा लाभ
- रियल-टाइम फ्रॉड डिटेक्शन: जैसे ही फोन स्क्रीन पर कोई फर्जी नाम जैसे “बैंक मैनेजर” या “पुलिस अधिकारी” दिखे, नागरिक सतर्क हो जाएंगे। इससे OTP चोरी, डिजिटल अरेस्ट स्कैम और अन्य वित्तीय ठगी की घटनाएं घटेंगी।
- वैध कॉल्स पर भरोसा बढ़ेगा: बैंक, सरकारी विभाग और सेवा प्रदाता अब स्पष्ट रूप से पहचाने जा सकेंगे, जिससे नागरिकों की प्रतिक्रिया में सुधार होगा।
- कमजोर वर्गों को सुरक्षा: बुजुर्गों, ग्रामीणों और डिजिटल रूप से कम साक्षर लोगों को धोखाधड़ी से बचना आसान होगा।
- पुलिस और साइबर यूनिट की मदद: सत्यापित पहचान से फ्रॉड कॉल्स को ट्रैक और कनेक्ट करना सरल होगा। कई सिम वाले स्कैम नेटवर्क की गुमनामी घटेगी।
- डिजिटल स्वच्छता को बढ़ावा: फर्जी या प्रॉक्सी सिम उपयोग पर अंकुश लगेगा और जिम्मेदार सिम पंजीकरण को प्रोत्साहन मिलेगा।
CNAP से साइबर अपराधों पर प्रभाव
| साइबर अपराध | CNAP का असर |
| फर्जी पहचान वाले स्कैम | कॉलर की असली पहचान तुरंत उजागर होगी |
| सेक्सटॉर्शन / डिजिटल अरेस्ट | डर फैलाने वाली फर्जी पहचान की प्रभावशीलता घटेगी |
| OTP चोरी और बैंकिंग फ्रॉड | कॉलर वास्तव में बैंक से है या नहीं, यह जांचना आसान होगा |
| SIM स्वैप और म्यूल नेटवर्क | SIM के असली मालिक का पता लगाना सरल होगा |
| स्कैम कॉल सेंटर | गुमनामी और बड़े पैमाने की धोखाधड़ी पर रोक लगेगी |
अंततः, CNAP सिर्फ एक तकनीकी अपग्रेड नहीं, बल्कि डिजिटल विश्वास बहाली की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
याद रखें — जागरूकता ही आपकी पहली सुरक्षा है। साइबर सुरक्षित रहें।


