Delhi: देवेन्द्र यादव का आरोप: बिगड़ती कानून व्यवस्था के चलते दिल्ली बनी अपराधों की राजधानी, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर भी साधा निशाना
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
नई दिल्ली, 3 जुलाई 2025 — दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव ने राजधानी में लगातार बढ़ते अपराधों को लेकर दिल्ली सरकार और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की कानून व्यवस्था अब पूरी तरह से चरमरा चुकी है और अपराध की घटनाएं हर दिन भयावह रूप ले रही हैं, जिससे दिल्ली “अपराधों की राजधानी” बन चुकी है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि एक महिला मुख्यमंत्री होते हुए भी रेखा गुप्ता अपराधों को लेकर बेहद असंवेदनशील रवैया अपना रही हैं। उन्होंने हाल ही में लाजपत नगर में 42 वर्षीय महिला रुचिका और उसके 14 वर्षीय बेटे की हुई दोहरी हत्या का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और उनकी सरकार ने इस दिल दहला देने वाली घटना पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, जिससे स्पष्ट होता है कि दिल्ली सरकार जनता की सुरक्षा को लेकर कितनी निष्क्रिय हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि रेखा गुप्ता अपने 100 दिनों के प्रशासन की विफलताओं को छुपाने और अपने आधिकारिक निवास ‘‘फूलकुमारी निवास’’ की सजावट में व्यस्त हैं, जबकि राजधानी में लोगों की जान जोखिम में है।
देवेन्द्र यादव ने दोहरे हत्याकांड के सिलसिले में घरेलू नौकर की गिरफ्तारी पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने दावा किया कि महिला द्वारा डांटे जाने पर नौकर ने मां-बेटे की हत्या कर दी, लेकिन यह पूरी कहानी कहीं कुछ छुपाने का प्रयास तो नहीं? उन्होंने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए।
उन्होंने साथ ही पुलिस की उस प्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगाया, जिसके तहत घरेलू नौकरों का पंजीकरण और वेरिफिकेशन किया जाना चाहिए। यादव ने कहा कि मृतक महिला का नौकर मुकेश दोनों—घर और दुकान—का काम देखता था, लेकिन पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि उसका कोई पूर्व वेरिफिकेशन हुआ था या नहीं। यह दिल्ली पुलिस द्वारा चलाए जा रहे वेरिफिकेशन जागरूकता अभियान की असफलता को दर्शाता है।
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पुलिस आयुक्त द्वारा दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दो बार बैठकें की गईं, लेकिन उन बैठकों के बाद भी न तो झपटमारी रुकी, न ही लूटपाट, हत्या और बलात्कार जैसे अपराधों में कोई कमी आई। उन्होंने पूछा कि क्या ये बैठकें सिर्फ दिखावे और जनता की आंखों में धूल झोंकने के लिए की गई थीं?
उन्होंने कहा कि अब जबकि केंद्र और दिल्ली दोनों में भाजपा की सरकारें हैं, तब सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस की निगरानी और सक्रियता क्यों नहीं बढ़ाई जा रही? भाजपा को औपचारिकताओं से ऊपर उठकर धरातल पर उतरकर कानून व्यवस्था को सुधारने की जरूरत है।


