Delhi Hospital Crime: दिल्ली के अस्पताल में युवती के साथ यौन शोषण और मौत से हिली राजधानी: कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने उठाए गंभीर सवाल
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
नई दिल्ली, 26 जून 2025 — दिल्ली के जगप्रवेश चंद्र अस्पताल में मानसिक रूप से कमजोर 23 वर्षीय युवती के साथ हुए यौन शोषण और फिर उसकी मृत्यु की घटना ने दिल्ली की कानून-व्यवस्था, सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा प्रणाली और स्वास्थ्य ढांचे की स्थिति को कठघरे में खड़ा कर दिया है। इस हृदय विदारक घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला।
देवेंद्र यादव ने कहा कि यह घटना सिर्फ एक अस्पताल में घटा अपराध नहीं, बल्कि राजधानी की चरमराई व्यवस्था की दुखद तस्वीर है। जिस युवती को इलाज के लिए भर्ती किया गया था, वह अस्पताल परिसर में ही यौन शोषण का शिकार हुई और बाद में उसकी मृत्यु हो गई। यह घटना यह साफ दर्शाती है कि दिल्ली के अस्पताल अब बीमारों के लिए सुरक्षित जगह नहीं रह गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, जो खुद एक महिला हैं, केवल फोटो सेशंस में व्यस्त हैं और लगातार पिछली सरकार की नीतियों की नकल भर कर रही हैं। महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और अस्पतालों की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस लगातार चेतावनी देती आ रही है, लेकिन भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों इस दिशा में पूरी तरह विफल रही हैं।
यादव ने महिला अपराधों को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दिल्ली महिला अपराध के मामले में देश में पहले स्थान पर है। केवल इस साल की पहली तिमाही में महिलाओं से छेड़छाड़ के 379 और बलात्कार के 370 मामले दर्ज हुए हैं। यानी हर दिन 4 से 5 महिलाओं के साथ छेड़छाड़ या बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने भाजपा सरकार के ‘चाकचौबंद कानून व्यवस्था’ के दावों को खोखला करार दिया।
इस घटना के बाद यह भी सामने आया कि मृतक युवती नशा करती थी और पुलिस या अस्पताल प्रशासन के पास उसके परिवार की कोई जानकारी नहीं थी। इस पर यादव ने सवाल उठाया कि जब अस्पतालों में नशे की प्रवृत्ति फैल रही है तो जिम्मेदार अधिकारी चुप क्यों हैं? उन्होंने यह भी पूछा कि यदि महिला का यौन शोषण जगप्रवेश चंद्र अस्पताल में हुआ और उसकी मौत जीटीबी अस्पताल में हुई, तो पुलिस इस ट्रांजिशन को लेकर गंभीरता से जांच क्यों नहीं कर रही?
उन्होंने कहा कि केवल एक आरोपी को गिरफ्तार करने से असली सवाल नहीं दबाए जा सकते — आखिर सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था इतनी लचर क्यों है? अस्पतालों में सीसीटीवी, सुरक्षाकर्मी और महिला सुरक्षा अधिकारी तैनात क्यों नहीं हैं?
देवेंद्र यादव ने उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के हालिया बयान की याद दिलाई, जिसमें उन्होंने दिल्ली के सरकारी अस्पतालों की बिगड़ती स्थिति, डॉक्टरों की समस्याएं और मरीजों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली कांग्रेस “नशे के विरुद्ध – युद्ध” अभियान के तहत लगातार काम कर रही है, जहां पार्टी कार्यकर्ता युवाओं को नशे से दूर रखने और नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। लेकिन सरकार इस पर गंभीर नहीं दिखती।
अंत में, देवेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस गंभीर मामले की जांच खुद अपने अधीन करवानी चाहिए और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, राजधानी के सभी सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाएं फिर दोहराई न जा सकें।



