Devender Yadav Statement: देवेन्द्र यादव का भाजपा पर हमला, “एनडीएमसी अवार्ड दिखावा, दिल्ली नगर निगम की असलियत गंदगी और भ्रष्टाचार से भरी”
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने एनडीएमसी को मिले स्वच्छता अवार्ड को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि एनडीएमसी जैसे सीमित और विशेषाधिकार प्राप्त क्षेत्र में पुरस्कार जीतकर भाजपा दिल्ली की आम जनता की आँखों में धूल झोंक रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीएमसी को मिला सुपर स्वच्छ लीग सिटी अवार्ड केवल एक दिखावा है, जो प्रधानमंत्री, मंत्री, एंबेसी और वरिष्ठ अधिकारियों के निवास वाले क्षेत्र में बेहतर सुविधाओं के चलते संभव हुआ है। असली दिल्ली की हालत इससे बिल्कुल अलग और दयनीय है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि एनडीएमसी क्षेत्र 50 हजार से 3 लाख की आबादी वाले वर्ग में आता है, जबकि दिल्ली नगर निगम क्षेत्र करोड़ों की आबादी को संभालता है। भाजपा इस छोटे से क्षेत्र में स्वच्छता दिखाकर पूरी दिल्ली की सफाई व्यवस्था की असफलता पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर भाजपा वाकई सफाई व्यवस्था में इतनी कुशल है, तो एनडीएमसी जैसी इनोवेशन और कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था को पूरे दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में क्यों लागू नहीं किया गया?
उन्होंने बताया कि दिल्ली नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में 31वें स्थान पर रहा, जबकि 2023 में 39वें स्थान पर था, जो यह दर्शाता है कि सुधार बेहद धीमा और निराशाजनक है। देवेन्द्र यादव ने याद दिलाया कि भाजपा ने 2022 से पहले लगातार 15 वर्षों तक दिल्ली नगर निगम पर शासन किया और अभी भी सत्ता में है, फिर भी राजधानी की तस्वीर नहीं बदल सकी। उनका कहना था कि यदि दिल्ली आज “कूड़े के ढेर पर बैठी” नजर आती है, तो इसके लिए पूरी जिम्मेदारी भाजपा की है।
देवेन्द्र यादव ने स्वच्छता सर्वेक्षण की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि क्यों सर्वेक्षण में गरीब बस्तियों, झुग्गी-झोपड़ी कॉलोनियों, पुनर्वास क्षेत्रों और अनधिकृत कॉलोनियों को शामिल नहीं किया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि इन क्षेत्रों में नालियों के बाहर, सड़कों और बाजारों में फैली गंदगी दिल्ली को विश्व के सबसे गंदे शहरों की कतार में ला खड़ा करती है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने दिल्ली नगर निगम में व्याप्त सफाई कर्मचारियों की कमी और भ्रष्टाचार को सफाई व्यवस्था के चरमराने का प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि अधिकतर सफाई कर्मचारी अनुबंध पर रखे गए हैं और उनसे अधिकारी आधे समय काम करवाकर अवैध वसूली करते हैं। यही कारण है कि गली-गली में कूड़े के ढेर और जलभराव की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कूड़े के पहाड़ खत्म करने का दावा करती रही है लेकिन अब तक कोई ठोस शुरुआत तक नहीं कर सकी। उन्होंने याद दिलाया कि आम आदमी पार्टी ने कूड़े के पहाड़ों के निपटान को मुद्दा बनाकर एमसीडी की सत्ता हासिल की थी लेकिन अंततः अपने भ्रष्टाचार और नेतृत्व की कमजोरी के कारण सत्ता गंवा बैठी।
देवेन्द्र यादव ने भाजपा की स्वच्छता नीति को पाखंड करार देते हुए कहा कि जो पार्टी आज अवार्ड को लेकर अपनी पीठ थपथपा रही है, वह आज भी नालों की सफाई मैनुअल स्कैवेंजिंग जैसे अमानवीय तरीकों से करवा रही है, जो न केवल कानून के खिलाफ है बल्कि मानवाधिकारों का भी उल्लंघन है।


