DFCCIL Inspection: डीएफसीसीआईएल के एमडी प्रवीण कुमार ने न्यू दादरी-साहनेवाल सेक्शन का किया निरीक्षण, इंफ्रास्ट्रक्चर और CSR कार्यों की समीक्षा
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री प्रवीण कुमार ने 30 मई 2026 को ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (EDFC) के न्यू दादरी–न्यू खुर्जा–साहनेवाल सेक्शन का विस्तृत निरीक्षण किया। रेलकार के माध्यम से किए गए इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने कॉरिडोर के परिचालन प्रदर्शन, सुरक्षा व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं और कर्मचारी कल्याण से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान श्री प्रवीण कुमार ने फील्ड अधिकारियों के साथ बैठक कर डीएफसी नेटवर्क की दक्षता और क्षमता उपयोग को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। हाल ही में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ट्रैक पर हुई कुछ अप्रिय घटनाओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ईडीएफसी सेक्शन में सुरक्षा तैयारियों का भी विस्तृत आकलन किया। अधिकारियों को सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने तथा संचालन को अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
मैनेजिंग डायरेक्टर ने न्यू तलहेड़ी बुजुर्ग स्थित ट्रैक्शन सबस्टेशन (TSS) का भी निरीक्षण किया। यह स्टेशन डीएफसीसीआईएल के 100 प्रतिशत विद्युतीकृत रेल नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो अत्याधुनिक 2×25 केवी ट्रैक्शन पावर सप्लाई सिस्टम के माध्यम से संचालित होता है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पावर सप्लाई सिस्टम, मॉनिटरिंग मैकेनिज्म, सुरक्षा प्रोटोकॉल और अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन किया। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि यह सिस्टम फ्रेट ट्रेनों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में भी डीएफसीसीआईएल ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। निरीक्षण के दौरान श्री प्रवीण कुमार ने साहा स्थित सेवा धाम आश्रम में ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (DMD) से पीड़ित बच्चों के लिए विकसित एक आधुनिक सुविधा का उद्घाटन किया। ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी है, जिसमें समय के साथ मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। डीएफसीसीआईएल ने अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) कार्यक्रम के तहत इस केंद्र में अत्याधुनिक फिजियोथेरेपी उपकरण उपलब्ध कराए हैं, जिससे बच्चों को बेहतर उपचार और पुनर्वास सुविधाएं मिल सकेंगी।
इसके अलावा उन्होंने अंबाला कैंट में नव-निर्मित डीएफसीसीआईएल टाइप-V रेजिडेंशियल क्वार्टर्स का उद्घाटन भी किया। इन आवासीय क्वार्टर्स को कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए आधुनिक और आरामदायक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह पहल कर्मचारियों के कल्याण और कार्यक्षमता को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
निरीक्षण के दौरान श्री पवन के. राय, डायरेक्टर (प्रोजेक्ट प्लानिंग), श्री संदेश श्रीवास्तव, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (प्रोजेक्ट), श्री आलोक कुमार, जनरल मैनेजर (कोऑर्डिनेशन), श्री अर्जुन सिंह तोमर, जनरल मैनेजर (एस एंड टी), श्री अखिलेश श्रीवास्तव, जनरल मैनेजर (इलेक्ट्रिकल-IV), श्री आशीष मिश्रा, जनरल मैनेजर (सिक्योरिटी), श्री सुंदर सिंह, जनरल मैनेजर (एचआर) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
डीएफसीसीआईएल द्वारा विकसित 2,843 रूट किलोमीटर लंबा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर भारत में माल परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है। यह नेटवर्क प्रतिदिन औसतन 406 फ्रेट ट्रेनों का संचालन कर रहा है और लगातार नए रिकॉर्ड स्थापित कर रहा है। 26 जनवरी 2026 को एक ही दिन में 907 ट्रेन इंटरचेंज का रिकॉर्ड भी दर्ज किया गया था। अब तक यह नेटवर्क 586 अरब सकल टन किलोमीटर (GTKM) माल परिवहन कर चुका है, जो देश में बढ़ती माल परिवहन क्षमता और डीएफसी नेटवर्क पर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना देश में माल परिवहन की गति बढ़ाने, सप्लाई चेन को मजबूत करने और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। डीएफसीसीआईएल का लक्ष्य आने वाले वर्षों में देश के लॉजिस्टिक्स सेक्टर को और अधिक आधुनिक एवं प्रभावी बनाना है।



