Ayushman Bharat: आयुष्मान भारत की 7वीं वर्षगांठ पर आयुष्मान सुविधा केंद्र की स्थापना
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
नई दिल्ली, आयुष्मान भारत योजना की 7वीं वर्षगांठ के अवसर पर आज सेंट्रल पार्क के सामने एक नया आयुष्मान सुविधा केंद्र शुरू किया गया। इस केंद्र का उद्घाटन निदेशक डॉ. अशोक कुमार के नेतृत्व में हुआ, जिसमें अनेक वरिष्ठ अधिकारियों, डॉक्टरों और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
समारोह की शुरुआत एक नवनिर्मित हेल्प डेस्क के उद्घाटन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस मौके पर डीन, अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षकों और स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। डॉ. मधुबाला ने अपने स्वागत भाषण में इस पहल को स्वास्थ्य सेवा में पारदर्शिता और दक्षता की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. देबोर्शी शर्मा ने विस्तृत प्रस्तुति के माध्यम से आयुष्मान भारत योजना की उपलब्धियों और इस नए सुविधा केंद्र की कार्यप्रणाली को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि कैसे यह केंद्र लाभार्थियों के लिए पंजीकरण, मार्गदर्शन और सहायता जैसी सेवाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराएगा। उन्होंने इसे रोगी-हितैषी कदम बताते हुए कहा कि यह पहल न केवल प्रक्रिया को सरल बनाएगी बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच को भी बढ़ाएगी।
लाभार्थी संवाद सत्र में कई मरीजों ने योजना से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। एक मरीज ने भावुक होकर बताया कि किस तरह आयुष्मान भारत योजना के तहत त्वरित पंजीकरण और सहायता ने उनकी गंभीर बीमारी के दौरान न केवल गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिश्चित किया बल्कि उनके परिवार को भारी आर्थिक बोझ से भी बचाया। इन अनुभवों ने योजना की वास्तविक उपयोगिता और इसके प्रभाव को और स्पष्ट रूप से सामने रखा।
कार्यक्रम के अंत में सदस्य सचिव डॉ. उमेश तिवारी ने कार्यक्रम की कार्यवाही का सार प्रस्तुत किया और सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना केवल स्वास्थ्य बीमा का माध्यम नहीं है बल्कि यह स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ, सस्ती और प्रभावी बनाने का एक सतत प्रयास है।
नया आयुष्मान सुविधा केंद्र एकल-खिड़की सुविधा के रूप में कार्य करेगा, जहाँ मार्गदर्शन, पंजीकरण और सहायता सेवाओं को और सुव्यवस्थित किया जाएगा। इससे मरीजों की सुविधा, दक्षता और समग्र अनुभव में निश्चित रूप से सुधार होगा। यह पहल सरकार की उस प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है, जिसके तहत हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना और लाभार्थी-केंद्रित सेवाओं को मज़बूत करना मुख्य उद्देश्य है।



