Delhi: नई दिल्ली में पहली ग्लोबल कल्चरल गेम्स का होगा आयोजन: सांस्कृतिक एकता का वैश्विक मंच बनेगा भारत
रिपोर्ट, हेमंत कुमार।
भारत सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। पहली बार विश्व स्तर पर आयोजित होने जा रहे ग्लोबल पायथियन गेम्स का आयोजन 3 से 5 दिसंबर 2025 तक राजधानी नई दिल्ली में किया जाएगा। इस आयोजन की घोषणा आज होटल ली मेरिडियन, दिल्ली में पायथियन काउंसिल ऑफ इंडिया की तीसरी नेशनल एग्जीक्यूटिव काउंसिल मीटिंग के बाद हुई, जिसकी अध्यक्षता मॉडर्न पायथियन गेम्स के संस्थापक और पायथियन काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री बिजेन्दर गोयल ने की।
इस बैठक में देशभर से आए सदस्यों ने भाग लिया और भारत में इस सांस्कृतिक महोत्सव को वैश्विक स्तर पर ले जाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया। इसी अवसर पर प्रेस वार्ता के दौरान श्री गोयल ने बताया कि इस आयोजन के लिए भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग के सचिव श्री राजेश अग्रवाल से हुई बातचीत भी सकारात्मक रही और दिव्यांगजनों की भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयास तेज होंगे।
श्री गोयल ने कहा कि एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही दिल्ली के मुख्यमंत्री और संस्कृति मंत्रालय के सचिव से औपचारिक समर्थन हेतु मुलाकात करेगा। रूस की इंटरनेशनल डेल्फिक कमेटी, ग्रीस की इक्युमेनिकल डेल्फिक यूनियन, और साइप्रस सरकार ने भी इस आयोजन को आधिकारिक समर्थन दिया है।
प्राचीन पायथियन गेम्स की तरह, यह आयोजन कला, संस्कृति, संगीत, कविता, भविष्यवाणी, और रचनात्मक अभिव्यक्तियों को एक मंच पर लाएगा। प्राचीन काल में यह यूनान में देवता अपोलो को समर्पित होते थे, और अब लगभग 1630 वर्षों के बाद भारत इस विरासत को पुनर्जीवित कर रहा है। वर्ष 2020 में श्री गोयल ने आधुनिक पायथियन मूवमेंट की परिकल्पना की थी, जिसे 2021 में कोविड-19 महामारी के दौरान औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया।
मॉडर्न पायथियन गेम्स को ओलंपिक खेलों के पूरक के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें वे विधाएं शामिल हैं जो ओलंपिक में नहीं होतीं — जैसे लोककला, विरासत प्रदर्शन, पारंपरिक खेल, और डिजिटल रचनात्मकता। यह दुनिया का एकमात्र बहु-विषयक सांस्कृतिक खेल आयोजन है जो विविध कलाओं और परंपराओं को साथ लाता है।
पायथियन काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री शांतनु अग्रहरि ने घोषणा की कि राष्ट्रीय पायथियन गेम्स का आयोजन सितंबर या अक्टूबर 2025 में किया जाएगा, जो भारतीय कलाकारों के लिए एक अभ्यास मंच होगा। उन्होंने कहा, “भारत की सांस्कृतिक विरासत और युवा प्रतिभा इसे विश्व आयोजनों के लिए उपयुक्त बनाते हैं।”
एक बड़ी तकनीकी पहल के रूप में, श्री गोयल ने मॉडर्न पायथियन गेम्स का आधिकारिक मोबाइल ऐप लॉन्च किया। यह ऐप वर्चुअल प्रतियोगिताओं के लिए डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म बनेगा, जिसमें संगीत, नृत्य, चित्रकला, फोटोग्राफी, फिटनेस गतिविधियाँ (जैसे वर्चुअल मैराथन, वॉकथॉन, साइक्लोथॉन) शामिल होंगी। इसमें स्टेप काउंटर, पंजीकरण, सबमिशन, और इंटरैक्टिव पोर्टल्स जैसी सुविधाएं भी होंगी।
पायथियन काउंसिल ऑफ इंडिया के महासचिव श्री शिव कुमार ने कहा, “यह पहल कला, परंपरा और प्रतिभा के माध्यम से दुनिया को जोड़ने का एक शांतिपूर्ण प्रयास है, जो राजनीति और सीमाओं से परे है।”
इस बैठक में कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पूर्व मुख्य सचिव, उद्योगपति, कलाकार और संस्कृति से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हुए। इनमें आईएएस श्री संजय श्रीवास्तव, श्री दिलीप सिंह, श्री आरके श्रीवास्तव, श्री राजेश जोगपाल, श्रीमती अनुराधा पाल, आईआरएस अधिकारी श्री आकाश जैन और श्री साहिल सेठ, आईपीएस श्री विष्णु शर्मा और गोवा के पूर्व मुख्य सचिव शामिल रहे।
पायथियन गेम्स न केवल सांस्कृतिक एकता को प्रोत्साहित करेंगे, बल्कि भारत को एक वैश्विक सांस्कृतिक नेतृत्वकर्ता के रूप में भी स्थापित करेंगे। आने वाले समय में यह आयोजन सांस्कृतिक कूटनीति और वैश्विक भाईचारे के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।



