Gurugram Property Dispute: पालम विहार में दबंगों द्वारा जबरन कब्जे का आरोप, सरपंच समेत कई पर FIR दर्ज
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
हरियाणा के गुरुग्राम में पालम विहार थाना क्षेत्र के अंतर्गत अंसल्स पालम विहार स्थित मकान नंबर J-1137 में जबरन कब्जे का एक गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में थाना पालम विहार में FIR नंबर 0042 दिनांक 26 जनवरी 2026 को दर्ज की गई है, जिसमें दबंगों द्वारा कोर्ट के आदेश की अवहेलना, हथियारों के बल पर कब्जा और सबूत मिटाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ता श्रीनिवास वी, जो चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि हैं, ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वीरू उर्फ बीर सिंह राणा, जो कि सरपंच बताया जा रहा है, अपने साथी आर्यन राणा और करीब 50 अन्य लोगों के साथ कई गाड़ियों में सवार होकर मौके पर पहुंचा। आरोप है कि सभी लोग लोहे की रॉड, डंडों और अवैध हथियारों से लैस थे और उन्होंने पूरी योजना के तहत संपत्ति पर धावा बोला।
शिकायत के अनुसार आरोपियों ने कोर्ट के आदेश के तहत बैंक द्वारा लगाए गए सील और ताले को जबरन तोड़ दिया और अवैध रूप से संपत्ति में प्रवेश किया। इतना ही नहीं, आरोपियों द्वारा बैंक की सील को अपने साथ ले जाने की बात भी सामने आई है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह के सबूत को नष्ट किया जा सके। इस घटना के बाद भी दबंगों का हौसला कम नहीं हुआ और दोपहर करीब 3:30 बजे एक बार फिर 20 से 30 लोगों का दूसरा समूह मौके पर पहुंचा।
दूसरे समूह ने मौके पर तैनात गार्डों को खुलेआम धमकाया और संपत्ति पर दोबारा अवैध कब्जा करने की कोशिश की। इस दौरान क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया और स्थानीय लोग भी सहमे नजर आए। पुलिस के अनुसार यह पूरा मामला सुनियोजित आपराधिक साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है, जिसमें कानून और न्यायालय के आदेशों को खुली चुनौती दी गई है।
पुलिस ने इस मामले में दंगा, हथियारों के साथ दंगा, आपराधिक साजिश, जबरन कब्जा, सबूत मिटाना और आपराधिक धमकी जैसे गंभीर अपराधों के तहत मामला दर्ज किया है। FIR में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 190, 191(2), 238(a), 329(3), 333 और 351(2) लगाई गई हैं। मामले की जांच ASI राकेश कुमार को सौंपी गई है, जो पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच कर रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से वीडियो सबूत भी जब्त किए गए हैं, जिनके आधार पर आरोपियों की भूमिका और उनकी पहचान की जा रही है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम में और कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या इसमें किसी प्रकार का संगठित गिरोह सक्रिय है। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।


