IndiaUS Trade War: अमेरिका के टैरिफ फैसले की भारत में कड़ी निंदा, व्यापार युद्ध की आशंका
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
नई दिल्ली,
अमेरिका सरकार द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाए जाने के निर्णय की भारत के व्यापारिक जगत में कड़ी निंदा हो रही है। फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेड्स एसोसिएशन (फेस्टा) के चेयरमैन परमजीत सिंह पम्मा और अध्यक्ष राकेश यादव ने इस कदम को अनुचित और अविवेकपूर्ण बताते हुए कहा कि यह न केवल भारत की अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक होगा, बल्कि दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध जैसी स्थिति भी पैदा कर सकता है।
फेस्टा नेताओं का कहना है कि अमेरिका का यह निर्णय भारत की आर्थिक वृद्धि पर नकारात्मक असर डालेगा। इससे न केवल भारतीय निर्यातकों को कठिनाई होगी बल्कि आम उपभोक्ताओं पर भी बोझ बढ़ सकता है। पम्मा और यादव ने चेतावनी दी कि अगर यह टैरिफ लागू रहा तो भारत और अमेरिका के बीच वर्षों से बने व्यापारिक संबंध कमजोर पड़ सकते हैं और निवेशकों का भरोसा भी प्रभावित होगा।
उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में इस तरह के कदम अंतरराष्ट्रीय सहयोग को कमजोर करते हैं। उनका मानना है कि टकराव की जगह संवाद और समझौते से समाधान निकालना चाहिए। अमेरिका को अपने फैसले पर पुनर्विचार कर भारत के साथ सहयोग की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
फेस्टा पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपील की कि वे इस परिस्थिति में व्यापारियों को राहत दें। उन्होंने सुझाव दिया कि जीएसटी में ज्यादा छूट और सस्ते ब्याज पर लोन की सुविधा दी जानी चाहिए, ताकि भारतीय व्यापारी और उद्योगपति वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सामना मजबूती से कर सकें। उनका कहना है कि स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देकर ही हम आयातित वस्तुओं पर निर्भरता कम कर सकते हैं और देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बना सकते हैं।



