Jharkhand: पश्चिम सिंहभूम में 250 आदिवासियों ने पुन, अपनाया हिंदू धर्म, विश्व कल्याण आश्रम में हुआ स्वधर्मानयन कार्यक्रम
रिपोर्ट: आशीष कुमार
झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में स्थित विश्व कल्याण आश्रम में एक विशेष धार्मिक कार्यक्रम के दौरान करीब 250 आदिवासी समुदाय के लोगों ने पुनः हिंदू धर्म स्वीकार किया। यह कार्यक्रम द्वारकाशारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज के सानिध्य में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और श्रद्धालु भी मौजूद रहे।
जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समुदाय के लोगों ने स्वेच्छा से हिंदू धर्म में पुनः शामिल होने का संकल्प लिया और गंगा, गोविंद तथा सनातन धर्म की सेवा करने का प्रण लिया। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, मंत्रोच्चार और वैदिक विधियों के साथ स्वधर्मानयन की प्रक्रिया पूरी कराई गई।
बताया गया कि विश्व कल्याण आश्रम द्वारा हर वर्ष स्वधर्मानयन अभियान चलाया जाता है। इसी अभियान के तहत इस वर्ष भी गांव-गांव जाकर जनजागरण किया गया। इस दौरान शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज ने विभिन्न गांवों का दौरा कर लोगों को सनातन धर्म और सांस्कृतिक मूल्यों के बारे में जागरूक किया। इसी प्रयास का परिणाम रहा कि लगभग 300 लोग, जो पहले भटक गए थे, उन्होंने दोबारा हिंदू धर्म में शामिल होने का निर्णय लिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विश्व कल्याण आश्रम के प्रभारी ब्रह्मचारी विश्वानंद जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके साथ इंद्रजीत मलिक और मझिया आनंदपुर के रुद्रप्रताप सिंह देव सहित कई सामाजिक और धार्मिक कार्यकर्ताओं ने भी आयोजन को सफल बनाने के लिए सक्रिय योगदान दिया।
आयोजन में आध्यात्मिक उत्थान मंडल के सभी सदस्यों ने भी सहयोग किया और पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया। कार्यक्रम के दौरान धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
इस आयोजन को क्षेत्र में धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे आदिवासी समाज में सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को लेकर एक नई जागरूकता देखने को मिली है।


