Delhi Police Special Cell: नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय से बड़ी सफलता: पाकिस्तान हैंडलर समर्थित अखिल भारतीय आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, पांच आतंकी गिरफ्तार
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक अंतरराज्यीय और पाकिस्तान समर्थित आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश कर देश की सुरक्षा के लिए बड़ी सफलता हासिल की है। इस मॉड्यूल को पाकिस्तानी हैंडलर दूर से संचालित कर रहे थे और इसे घरेलू आईएसआईएस-प्रेरित मॉड्यूल के रूप में प्रच्छन्न किया गया था। गुरुवार को दिल्ली, झारखंड, तेलंगाना, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में एक साथ की गई छापेमारी में इस मॉड्यूल से जुड़े पांच आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अशहर दानिश उर्फ ‘सीईओ’ (बोकारो, झारखंड), आफताब कुरैशी (मुंबई), सुफियान अबुबकर खान (मुंब्रा, महाराष्ट्र), मोहम्मद हुजैफ़ यमन (तेलंगाना) और कामरान कुरैशी उर्फ समर खान (राजगढ़, मध्य प्रदेश) के रूप में हुई है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में हथियार और आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया। इसमें आईईडी निर्माण सामग्री, कारतूस बनाने वाले घटक, रसायन, दो अर्ध-स्वचालित पिस्तौल और एक देशी पिस्तौल शामिल हैं। आरोप है कि यह मॉड्यूल गुप्त आतंकी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए जमीन खरीदने और “गजवा-ए-हिंद” के अंतिम लक्ष्य के साथ भारत में खिलाफत स्थापित करने की साजिश रच रहा था।
स्पेशल सेल की यह कार्रवाई इंस्पेक्टर विनय पाल और इंस्पेक्टर मनोज कुमार के नेतृत्व में, एसीपी/एनडीआर श्री हृदय भूषण और श्री राहुल विक्रम की निगरानी और डीसीपी/स्पेशल सेल श्री अमित कौशिक के समग्र पर्यवेक्षण में केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से की गई। दिल्ली, रांची, ठाणे, बेंगलुरु, निजामाबाद और राजगढ़ में एक साथ छापे मारे गए।
पूछताछ में सामने आया कि मॉड्यूल का मास्टरमाइंड अशहर दानिश युवाओं को सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए कट्टरपंथी बना रहा था। उसने आरोपियों को जिहादी उद्देश्यों के लिए हथियार निर्माण और आईईडी बनाने का प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी ली थी। गिरफ्तार युवाओं में से कोई छात्र है तो कोई वेल्डर और कोई लैब असिस्टेंट।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि इस समय पर की गई कार्रवाई ने इस खतरनाक नेटवर्क को फैलने से रोक दिया है। एडिशनल सीपी/स्पेशल सेल प्रमोद सिंह कुशवाह ने कहा कि यह सफलता सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय और खुफिया तंत्र की सतर्कता का परिणाम है। पुलिस अब बरामद सामान और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क के अन्य सहयोगियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।



