National Akali Dal Reorganization: होली के बाद नई कार्यकारिणी का ऐलान, संगठन को नहीं किया गया भंग – परमजीत सिंह पम्मा
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
नई दिल्ली में नेशनल अकाली दल के पुनर्गठन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच संगठन के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि पार्टी या संगठन को भंग नहीं किया गया है, बल्कि यह एक नियमित और निर्धारित प्रक्रिया है जिसके तहत नई कार्यकारिणी का गठन किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संगठन पहले की तरह सक्रिय है और समाज के मुद्दों पर अपनी भूमिका निभाता रहेगा।
पम्मा ने बताया कि संगठन हर दो से तीन वर्ष में अपनी कार्यकारिणी का पुनर्गठन करता है। इसका उद्देश्य संगठन में नई ऊर्जा का संचार करना, सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देना तथा निष्क्रिय पदाधिकारियों की जगह नए लोगों को अवसर प्रदान करना है। उनके अनुसार, यह प्रक्रिया संगठन को मजबूत और प्रभावी बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि नेशनल अकाली दल पिछले लगभग 30 वर्षों से सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। संगठन ने समय-समय पर धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपने और सरकार व प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर आम जनता की समस्याओं को उठाया है। दिल्ली में प्याज की बढ़ती कीमतों के विरोध में सस्ती दरों पर प्याज बेचकर प्रदर्शन करना, दालों की महंगाई के खिलाफ अभियान चलाना और विभिन्न जनहित मुद्दों पर आवाज उठाना संगठन की प्रमुख गतिविधियों में शामिल रहा है।
अध्यक्ष ने विशेष रूप से ऑनलाइन गेमिंग के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन गेम्स बच्चों और युवाओं के भविष्य के लिए खतरा बनती जा रही हैं और यह उन्हें अवसाद की ओर धकेल रही हैं। संगठन इस मुद्दे पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाएगा, जिसमें नुक्कड़ नाटक, स्कूलों में सेमिनार, जनसभाएं और सार्वजनिक बैठकों का आयोजन किया जाएगा। उनका कहना है कि समाज को इस खतरे के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है।
नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर पम्मा ने बताया कि इसमें महिला विंग, ट्रेड विंग, सोशल विंग, यूथ विंग, लीगल विंग और खेलकूद विंग शामिल किए जाएंगे। लीगल विंग का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता प्रदान करना होगा, जबकि यूथ और खेलकूद विंग युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का काम करेगी। खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को मैदानों और पार्कों की ओर आकर्षित किया जाएगा तथा विजेताओं को पुरस्कार और मेमेंटो देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन में सभी धर्मों और सभी राज्यों के लोगों को शामिल किया जाएगा। सदस्यता पूरी तरह निशुल्क होगी और किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े व्यक्ति के लिए संगठन के दरवाजे बंद नहीं होंगे। पम्मा ने कहा कि संगठन का उद्देश्य राजनीति से ऊपर उठकर समाज के दबे-कुचले वर्गों की आवाज को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना है।
नई टीम के ऐलान को लेकर उन्होंने बताया कि विभिन्न राज्यों और स्थानीय इकाइयों के साथ लगातार बैठकें और विचार-विमर्श जारी हैं। उम्मीद है कि होली के बाद नई कार्यकारिणी की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। संगठन ने दोहराया कि उसका मुख्य लक्ष्य समाज के हर वर्ग को न्याय दिलाना और जनहित के मुद्दों पर मजबूती से खड़ा रहना है।


