Delhi: एलोडी गार्डन में एनडीएमसी बना रही है 200 मीटर रनिंग ट्रैक, फिट इंडिया मिशन को मिलेगा बढ़ावा
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 विजन के तहत नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) राजधानीवासियों के स्वास्थ्य और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल कर रही है। इस पहल के तहत लोधी गार्डन में 200 मीटर लंबा रनिंग ट्रैक तैयार किया जा रहा है। इस निर्माण कार्य की शुरुआत एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने की है। यह ट्रैक खास तौर पर स्वास्थ्य के प्रति सजग लोगों, रनिंग के शौकीनों और स्पोर्ट्स प्रेमियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है।
कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि यह रनिंग ट्रैक जुलाई 10, 2025 तक बनकर तैयार हो जाएगा। यह ट्रैक गेट नंबर-5 के पास स्थित होगा और इसकी सतह बजरी से तैयार की जा रही है, जिससे दौड़ने वालों को आरामदायक और सुरक्षित अनुभव मिल सके। साथ ही ट्रैक पर धूल ना उड़े, इसके लिए स्प्रिंकलर सिस्टम भी लगाया जाएगा।
यह ट्रैक दिल्ली के सिरी फोर्ट स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बने जॉगिंग ट्रैक की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है, जिसकी सराहना पहले ही हो चुकी है। चहल ने बताया कि अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा तो आगे चलकर दिल्ली के अन्य प्रमुख उद्यानों में भी इसी तरह के रनिंग ट्रैक बनाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि नेहरू पार्क में पहले ही सिंथेटिक ट्रैक बनाया गया है, लेकिन उसकी देखरेख काफी महंगी होती है। ऐसे में लोधी गार्डन में बजरी आधारित यह ट्रैक एक किफायती और उपयोगी विकल्प साबित होगा। यह प्रोजेक्ट एनडीएमसी के उस व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसमें फिटनेस इन्फ्रास्ट्रक्चर को शहर भर में विकसित किया जा रहा है।
एनडीएमसी उपाध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया मूवमेंट और खेलो इंडिया जैसी पहलों को इस दिशा में प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री जी का मानना है कि एक स्वस्थ, अनुशासित और फिट युवा ही देश के विकास का असली वाहक हो सकता है। नियमित व्यायाम से पैदा होने वाला आत्मबल, टीमवर्क और जीतने की भावना ही हमें 2047 तक एक विकसित राष्ट्र की ओर ले जाएगी।”
एनडीएमसी पहले ही साइक्लिंग ट्रैक, ओपन जिम और अन्य फिटनेस सुविधाएं शुरू कर चुका है। अब लोधी गार्डन में रनिंग ट्रैक का निर्माण फिटनेस को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में एक और ठोस कदम है। इस ट्रैक के निर्माण से न केवल दिल्लीवासी लाभान्वित होंगे बल्कि शहर की छवि एक स्वस्थ और जागरूक राजधानी के रूप में भी उभरेगी।


