Delhi: दिल्ली क्राइम ब्रांच को बड़ी कामयाबी: बाराखंभा रोड सशस्त्र लूट मामले में 23 महीने से फरार आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम ने बाराखंभा रोड पर हुई सनसनीखेज सशस्त्र लूट के मामले में 23 महीने से फरार चल रहे एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी राजीव सिंह उर्फ राहुल, जो हरियाणा के गुरुग्राम निवासी हैं, को अहम खुफिया सूचना के आधार पर ग्रेटर नोएडा से पकड़ा गया। आरोपी राजधानी के मध्य स्थित व्यस्ततम इलाके में हथियारों के बल पर मनी एक्सचेंजर से लूट की कोशिश करने वाले गिरोह का हिस्सा था। यह गिरोह कुख्यात नरेंद्र उर्फ छोटू से जुड़ा हुआ है।
क्राइम ब्रांच की NR-II यूनिट, जो कि रोहिणी सेक्टर 18 में स्थित है, लगातार ऐसे मामलों पर काम कर रही है जो अब तक अनसुलझे हैं या जिनमें अपराधी फरार हैं। इसी क्रम में एसीपी नरेंद्र बेनीवाल के पर्यवेक्षण और निरीक्षक संदीप स्वामी के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई, जिसमें उप-निरीक्षक पंकज सरोहा, उप-निरीक्षक प्रदीप दहिया, एएसआई सुनील, प्रधान सिपाही नवल और सिपाही सुमित शामिल थे।
जांच के अनुसार, 16 जून 2023 को बाराखंभा रोड पर तीन हथियारबंद बदमाशों ने एक मनी एक्सचेंजर से बंदूक की नोक पर लूट की कोशिश की थी। एफआईआर संख्या 81/2023, धाराएं 393/394/397/34 आईपीसी एवं 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपी राजीव सिंह इस वारदात के बाद से फरार था और अदालत ने 12 सितंबर 2023 को उसे घोषित अपराधी घोषित कर दिया था।
क्राइम ब्रांच को तकनीकी और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर पता चला कि आरोपी ग्रेटर नोएडा स्थित निरमल सिटी इलाके में किसी से मिलने आने वाला है। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वहां जाल बिछाया और आरोपी को धर दबोचा। पूछताछ में उसने इस लूटकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और उसे CrPC की धारा 41.1(c) के तहत गिरफ्तार किया गया।
राजीव सिंह ने खुलासा किया कि वह पहले गुरुग्राम में एक कंपनी में हाउसकीपिंग का काम करता था, जहां उसकी मुलाकात रोहित ठाकुर उर्फ रोहित तोमर से हुई। इसी के माध्यम से वह नरेंद्र उर्फ छोटू के संपर्क में आया और गिरोह से जुड़ गया। गिरोह में शामिल होने के बाद उसने पहले आगरा में 250 किलो चांदी की लूट में भाग लिया, जिसमें उसे 14 महीने जेल की सजा हुई। जेल से छूटने के बाद भी वह आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहा और बाराखंभा रोड लूट मामले में भी शामिल हुआ।
राजीव सिंह अशिक्षित है और 10 वर्ष की उम्र में दिल्ली आ गया था, जहां उसने वेटर के रूप में काम शुरू किया। आगे चलकर वह गुरुग्राम में एक एनजीओ से जुड़ा और वहीं से उसकी आपराधिक यात्रा शुरू हुई। उसके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें थाना सदर, आगरा में धारा 392, 411 और 25 आर्म्स एक्ट, तथा नई दिल्ली रेलवे स्टेशन थाना में धारा 303(2)/317(2) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत केस दर्ज हैं।
इस गिरफ्तारी के साथ दिल्ली पुलिस ने एक बड़े गिरोह की गतिविधियों पर लगाम कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गिरोह से जुड़े अन्य फरार अपराधियों की भी तलाश जारी है और क्राइम ब्रांच को उम्मीद है कि जल्द ही अन्य आरोपियों को भी पकड़ लिया जाएगा।


