Swami Chakrapani Maharaj: ब्रिटिश संसद में वर्ल्ड पीस ऑर्गेनाइजेशन की नई अंतरराष्ट्रीय टीम घोषित, स्वामी चक्रपाणि को तीन वैश्विक जिम्मेदारियां
नई दिल्ली/लंदन, 13 अक्टूबर 2026। अखिल भारत हिन्दू महासभा एवं संत महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि जी महाराज को वर्ल्ड पीस ऑर्गेनाइजेशन (WPO) में तीन महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय दायित्व सौंपे गए हैं। उन्हें अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष, दक्षिण एशिया का चेयरमैन तथा कनाडा एवं ऑस्ट्रेलिया का कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। संगठन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, ये नियुक्तियां 11 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हैं। 12 अक्टूबर को ब्रिटेन की संसद में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान संगठन के पुनर्गठन और नई अंतरराष्ट्रीय टीम के गठन की घोषणा की गई।
विश्व में शांति, एकता, सद्भावना और विश्व-बंधुत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस समारोह में यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, भारत और ब्रिटेन सहित विभिन्न देशों के 150 से अधिक राजनेताओं, राजनयिकों, आध्यात्मिक गुरुओं और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक गायत्री मंत्र के सामूहिक उच्चारण और प्रार्थना से हुई। इस अवसर पर भारतीय संस्कृति के शाश्वत संदेश ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ यानी पूरा विश्व एक परिवार है, को वैश्विक शांति और आपसी सहयोग का महत्वपूर्ण आधार बताया गया।
कार्यक्रम में वर्ल्ड पीस ऑर्गेनाइजेशन के वैश्विक अध्यक्ष के रूप में संजय गिरि (प्रविन्द्र कुमार) की घोषणा की गई। संगठन के पुनर्गठन के तहत विभिन्न देशों और क्षेत्रों में शांति, मानवीय मूल्यों, सांस्कृतिक समन्वय तथा अंतरधार्मिक संवाद को मजबूत करने की कार्ययोजना भी प्रस्तुत की गई। इसी क्रम में जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि जी महाराज को तीन अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियां प्रदान की गईं। संगठन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, 29 सितंबर 2026 को जारी नियुक्ति पत्र, संदर्भ संख्या WPO/APPT/2026/09-05, में इन दायित्वों का उल्लेख है। इसमें स्वामी जी के आध्यात्मिक व्यक्तित्व, प्रशासनिक अनुभव, जन-नेतृत्व और शांति, एकता तथा विश्व कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को नियुक्ति का आधार बताया गया है।
अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में स्वामी चक्रपाणि जी महाराज से वैश्विक शांति रणनीतियों, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, उच्चस्तरीय संवाद और शांति अभियानों को दिशा देने में भूमिका निभाने की अपेक्षा है। दक्षिण एशिया के चेयरमैन के तौर पर वे क्षेत्र में संगठन की गतिविधियों, क्षेत्रीय इकाइयों और शांति पहलों के समन्वय एवं निगरानी से जुड़े कार्य करेंगे। वहीं, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के कोऑर्डिनेटर के रूप में इन देशों में संगठनात्मक विस्तार, स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ समन्वय और प्रवासी भारतीय समुदाय से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी निभाएंगे। इन भूमिकाओं के माध्यम से सांस्कृतिक सद्भाव, अंतरधार्मिक संवाद, अहिंसा और मानवीय मूल्यों को प्रोत्साहित करने पर जोर रहेगा।
स्वामी चक्रपाणि जी महाराज को वर्ष 2025 में भी लंदन स्थित ब्रिटिश संसद के हाउस ऑफ कॉमन्स में आयोजित इंटरनेशनल कॉन्क्लेव 2025 के दौरान ‘Exemplary Leadership Award’ से सम्मानित किया गया था। 20 नवंबर 2025 को आयोजित इस समारोह से संबंधित सम्मान-पत्र पर ब्रिटिश सांसद जॉय मॉरिसी और वर्ल्ड लीडरशिप फोरम के संस्थापक नचिकेत जोशी के नाम सम्मान प्रदान करने वालों के रूप में दर्ज बताए गए थे। वर्ष 2025 में मिले इस सम्मान के बाद वर्ष 2026 में वर्ल्ड पीस ऑर्गेनाइजेशन में नई जिम्मेदारियां मिलना स्वामी चक्रपाणि जी महाराज की अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों और वैश्विक शांति से जुड़े प्रयासों की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव बताया जा रहा है।
12 अक्टूबर को आयोजित समारोह की अध्यक्षता अंतरराष्ट्रीय सिद्धाश्रम शक्ति केंद्र के पूज्य श्री राजराजेश्वर गुरुजी ने की। कार्यक्रम में ब्रिटिश सांसद एवं ऑल-पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप के चेयरमैन बॉब ब्लैकमैन, मेयर योगेश तेली, इमीग्रेशन इंस्पेक्टर पॉल स्मिथ सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधि और अंतरराष्ट्रीय अतिथि उपस्थित रहे। समारोह के दौरान बॉब ब्लैकमैन के प्रयासों की सराहना की गई और उन्हें संगठन के सलाहकार के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। ऑस्ट्रेलिया में मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्यरत लेखिका सिया जैन को भी संगठन के सलाहकार के रूप में शामिल किए जाने की जानकारी दी गई।
वर्ल्ड पीस ऑर्गेनाइजेशन का घोषित उद्देश्य राष्ट्रीय सीमाओं, धार्मिक मतभेदों और सांस्कृतिक विविधताओं से ऊपर उठकर एक सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सहयोगपूर्ण विश्व के निर्माण की दिशा में काम करना है। संगठन सद्भाव, एकता, सत्य, करुणा और सतत विकास जैसे मूल्यों को अपने प्रमुख आधार के रूप में प्रस्तुत करता है। इसका संदेश है, “एक शांतिपूर्ण विश्व के लिए एक साथ।” समारोह में अपने संबोधन के दौरान पूज्य श्री राजराजेश्वर गुरुजी ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी युद्ध, तनाव और संघर्षों के बीच प्रेम, कर्तव्य, प्रकृति के प्रति सम्मान और मानवीय मूल्यों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। नवरात्रि के अवसर पर चीतल शाह ने सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुआ, जिसमें अतिथियों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
अपनी नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने कहा कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ सनातन संस्कृति का शाश्वत संदेश है और संपूर्ण विश्व को एक परिवार मानने की भारतीय आध्यात्मिक दृष्टि आज पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि विश्व शांति केवल समझौतों से स्थापित नहीं हो सकती, बल्कि इसके लिए आपसी विश्वास, करुणा, सद्भाव और मानवीय मूल्यों को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने इन अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करने और दक्षिण एशिया, कनाडा तथा ऑस्ट्रेलिया में शांति, सांस्कृतिक समन्वय, भारतीय आध्यात्मिक परंपरा और विश्व-बंधुत्व के संदेश को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने यह भी कहा कि भारत की प्राचीन सनातन परंपरा संपूर्ण मानवता के कल्याण की कामना करती है। आज दुनिया के विभिन्न समाजों को शांति, संवाद और सहयोग के सूत्र में जोड़ना समय की आवश्यकता है। उनके अनुसार, विभिन्न संस्कृतियों और समुदायों के बीच आपसी सम्मान तथा सहयोग बढ़ाकर ही अधिक शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण विश्व की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
वर्ल्ड पीस ऑर्गेनाइजेशन में स्वामी चक्रपाणि जी महाराज को मिली नई जिम्मेदारियों पर अखिल भारत हिन्दू महासभा और संत महासभा के पदाधिकारियों, संत-महात्माओं, सामाजिक प्रतिनिधियों तथा देश-विदेश में रहने वाले अनुयायियों ने प्रसन्नता व्यक्त की और उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। वर्ष 2025 में हाउस ऑफ कॉमन्स में प्राप्त सम्मान और वर्ष 2026 में संगठन में मिली तीन अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों को उनके समर्थकों ने आध्यात्मिक नेतृत्व, सांस्कृतिक एकता और विश्व शांति के संदेश को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर बताया है।



