नई दिल्ली : भारत और कनाडा का रिश्ता (India Canada Relation) अबतक के सबसे ख़राब दौर से गुजर रहा है। दोनों देशों के बीच मतभेद (India Canada Conflict) चरम सीमा पर है और बयानबाज़ी जारी है। मतभेद की कई वजहें हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण वजह है हरदीप सिंह निज्जर की हत्या (Hardeep Singh Nijjar Murder Case), जो एक कनाडाई नागरिक था और जिनकी हत्या के पीछे भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) का हाथ होने का आरोप है। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक मुद्दों पर भी मतभेद हैं।
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) फरवरी 2018 में तब विवादों में आ गये थे जब अपनी भारत यात्रा के दौरान वे नयी दिल्ली स्थित कनाडा उच्चायोग द्वारा आयोजित एक रात्रिभोज में शामिल हुए थे. विवाद का कारण था रात्रिभोज में एक भारतीय-कनाडाई नागरिक व पूर्व सिख अलगाववादी जसपाल सिंह अटवाल (Separatist Jaspal Singh Atwal) को आमंत्रित किया जाना. अटवाल 1986 में पंजाब के एक कैबिनेट मंत्री की हत्या में शामिल था और इसके लिए उसे कनाडा में दोषी ठहराया गया था. इस रात्रिभोज से दो दिन पूर्व ट्रूडो के एक अन्य कार्यक्रम में भी अटवाल मौजूद था. इस पर भारत ने गहरी नाराजगी जतायी थी. और अंतत: ट्रूडो को अटवाल का निमंत्रण वापस लेना पड़ा था.
भारत सरकार (Government Of India) द्वारा लागू किये गये तीन नये कृषि कानूनों (agricultural laws)
के विरोध में किसानों द्वारा किये जा रहे विरोध प्रदर्शन (Framers Protest) का ट्रूडो ने समर्थन किया था. भारत सरकार ने इसे घरेलू मामलों में अनुचित हस्तक्षेप माना और ट्रूडो की टिप्पणियों की आलोचना की.
बीते वर्ष जून में 45 वर्षीय हरदीप सिंह निज्जर की कनाडा के वैंकूवर सिटी के सर्रे में एक गुरुद्वारा के बाहर गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी. वर्ष 2020 में निज्जर को भारत सरकार ने आतंकवादी घोषित किया था. निज्जर की जिस जगह हत्या हुई थी वहां बड़ी संख्या में सिख रहते हैं. इस हत्या ने राजनयिक तनाव को और बढ़ा दिया. हालांकि निज्जर की हत्या से पूर्व ही दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ चुका था, जो आठ जून को एक परेड निकालने से जुड़ा था. भारतीय विदेश मंत्री ने आठ जून को कनाडा में आयोजित उस परेड की निंदा की थी, जिसमें भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या को दर्शाया गया था.
दोनों देशों के बीच चल रहे कथित तनाव को देखते हुए बीते वर्ष एक सितंबर को कनाडा ने अप्रत्याशित रूप से भारत के साथ व्यापार वार्ता रोक दी. हालांकि इसका कारण नहीं बताया गया. इसके बाद नौ व 10 सितंबर को नयी दिल्ली में हुए जी 20 कॉन्फ्रेंस के दौरान भी दोनों देशों के बीच तनाव दिखा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनेक विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक की, पर ट्रूडो को नजरअंदाज किया गया.
इसके बाद कनाडा ने निज्जर की हत्या में भारत सरकार के एजेंटों के शामिल होने का आरोप लगाया और उसी समय एक भारतीय राजनयिक को निष्कासित कर दिया. इसकी प्रतिक्रिया में भारत ने कनाडा के राजनयिक को निष्कासित कर दिया और कहा कि यह कदम भारत के आंतरिक मामलों में कनाडाई राजनयिकों के हस्तक्षेप और भारत विरोधी गतिविधियों में उनकी भागीदारी को देखते हुए उठाया गया है. इतना ही नहीं, भारत ने सुरक्षा खतरों का हवाला देते हुए कनाडा में अपने वीजा ऑपरेशन पर भी रोक लगा दी. हालांकि ये प्रतिबंध अक्तूबर के अंत में हटा लिये गये थे. पर इसने तनाव को अत्यधिक बढ़ा दिया.


