Tree Plantation Campaign: महिला दिवस पर NDMC का ‘Ek Ped Maa Ke Naam’ अभियान, लोधी कॉलोनी में कुलजीत सिंह चहल ने किया पौधारोपण
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल के नेतृत्व में एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम लोधी कॉलोनी स्थित वीर सावरकर पार्क में “Ek Ped Maa Ke Naam On Sunday” अभियान के तहत आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय निवासियों, आरडब्ल्यूए और व्यापारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इस अवसर पर कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरक आह्वान “एक पेड़ माँ के नाम” से प्रेरित है। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं है, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और मातृत्व के सम्मान को प्रकृति से जोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति अपनी मां के नाम पर पेड़ लगाता है तो वह भावनात्मक रूप से भी प्रकृति से जुड़ जाता है और उसकी देखभाल करने की जिम्मेदारी महसूस करता है।
महिला दिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम को विशेष रूप से महिला शक्ति को समर्पित किया गया। कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि आज का दिन नारी शक्ति के सम्मान और उनके योगदान को याद करने का दिन है। ऐसे में प्रकृति और मातृत्व के प्रतीक के रूप में पौधारोपण करना एक सार्थक संदेश देता है कि समाज में महिलाओं की भूमिका उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी प्रकृति की।
इस कार्यक्रम में सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज़ आवासीय कल्याण समिति (टाइप-III क्वार्टर) के अध्यक्ष आशीष कुमार सिंह, सचिव मुकेश कुमार सिन्हा और कोषाध्यक्ष जय प्रकाश सिंह सहित कई सदस्य मौजूद रहे। इसके अलावा आरडब्ल्यूए के सक्रिय सदस्य प्रतीक श्रीवास्तव और बलबीर सिंह ने भी इस अभियान में हिस्सा लिया। वहीं खन्ना मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील अरोड़ा के नेतृत्व में बाजार के कई दुकानदार भी इस अभियान से जुड़े और पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
कार्यक्रम के दौरान कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि इस तरह के अभियानों से समाज में सामूहिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि बाजार क्षेत्र में लगाए गए कई पौधों को दुकानदारों ने स्वयं अपनाया है और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया है। इससे यह अभियान केवल एक कार्यक्रम बनकर नहीं रह जाता, बल्कि एक निरंतर चलने वाली जनभागीदारी की पहल बन जाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि NDMC ने पूरे वर्ष के लिए एक “ग्रीन कैलेंडर” तैयार किया है, जिसके तहत हर रविवार को परिषद क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए NDMC के Horticulture, Health, Civil और Sanitation विभाग मिलकर वैज्ञानिक तरीके से पौधारोपण और उनकी देखभाल सुनिश्चित करेंगे, ताकि लगाए गए पौधे भविष्य में स्थायी हरियाली का रूप ले सकें।
इस मौके पर खन्ना मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने बाजार से जुड़े कई नागरिक मुद्दों को भी उठाया। इनमें पानी की आपूर्ति में सुधार, पीने के पानी की बेहतर व्यवस्था, महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट और सार्वजनिक शौचालय की सुविधा, बागवानी के रखरखाव और बाजार परिसर में बिजली के तारों की मरम्मत जैसी समस्याएं शामिल थीं।
वहीं लोधी कॉलोनी के आरडब्ल्यूए सदस्यों ने भी कई स्थानीय समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया। इनमें आवासीय सड़कों पर आवारा पशुओं की समस्या, आंतरिक सड़कों और पार्कों में इंटरलॉकिंग या ग्रास पेवर टाइल्स लगाने का लंबित कार्य, अवैध पार्किंग और अतिक्रमण से होने वाली ट्रैफिक समस्या, ब्लॉक और बैक लेन गेट्स की मरम्मत, सफाई व्यवस्था और ड्रेनेज से जुड़ी समस्याएं जैसे जाम नालियां और जलभराव, साथ ही कम दबाव और कभी-कभी दूषित पानी की शिकायतें भी शामिल थीं।
कुलजीत सिंह चहल ने निवासियों और व्यापारियों को आश्वासन दिया कि इन सभी मुद्दों की गंभीरता से जांच कर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि NDMC का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनके जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाना है।
उन्होंने कहा कि NDMC की पर्यावरण और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी पहलें “Viksit Bharat @2047” के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप हैं, जिसमें स्वच्छ हवा, हरित क्षेत्र, स्वस्थ मोहल्ले और टिकाऊ शहरी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि “Ek Ped Maa Ke Naam On Sunday” अभियान के माध्यम से NDMC केवल पेड़ नहीं लगा रहा है, बल्कि नागरिकों के बीच पर्यावरण के प्रति जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत कर रहा है।
इस कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि यदि समाज के सभी लोग मिलकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में छोटे-छोटे कदम उठाएं तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।


