Cyber Fraud: साइबर फ्रॉड के खिलाफ ASTR: भारत का नया डिजिटल प्रहरीभारत
सरकार का दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications – DoT) साइबर अपराध के खिलाफ देशव्यापी लड़ाई को और मजबूत करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है। इस दिशा में सबसे अहम कदम है — ASTR (Artificial Intelligence and Facial Recognition Tool for SIM Trace), एक अत्याधुनिक AI-संचालित चेहरा पहचानने वाला उपकरण, जिसे DoT द्वारा विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य है देश में फ्रॉड सिम के ज़रिए होने वाले साइबर अपराधों पर सख्त कार्रवाई करना और डिजिटल सुरक्षा को सुदृढ़ बनाना।
ASTR टूल की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह मोबाइल नेटवर्क की डेटा प्रणाली से जुड़कर उन सभी कनेक्शनों की पहचान करता है जो एक ही व्यक्ति से संबंधित हैं। यदि एक ही चेहरे के आधार पर अनेक सिम कार्ड जारी किए गए हैं, तो यह टूल उन्हें पकड़ने में सक्षम है। ऐसे सभी संदिग्ध कनेक्शनों को चिह्नित कर लिया जाता है और जरूरत पड़ने पर उन्हें ब्लॉक भी किया जा सकता है।
यह पहल केवल सरकार की तरफ़ से उठाया गया कदम नहीं है, बल्कि आम नागरिकों को भी इसमें भागीदार बनाया गया है। Sanchar Saathi पोर्टल, जो DoT का एक डिजिटल मंच है, नागरिकों को यह सुविधा देता है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, एसएमएस या व्हाट्सएप मैसेज को Chakshu नामक फीचर के माध्यम से रिपोर्ट कर सकें।
रिपोर्ट करने की प्रक्रिया आसान है:
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Sanchar Saathi Suspected Fraud Communication Reporting पर जाएं।
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‘Report Suspected Fraud Communication’ विकल्प चुनें (धोखाधड़ी संबंधी मैसेज प्राप्ति के 30 दिनों के भीतर)।
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कॉल करने वाले नंबर और धोखाधड़ी के प्रकार का विवरण दर्ज करें।
यह अभियान ‘फ्रॉड सिम मुक्त भारत’ की दिशा में एक निर्णायक कदम है, जो न केवल साइबर सुरक्षा को सुदृढ़ करता है, बल्कि आम नागरिकों को भी जागरूक और सक्षम बनाता है।
DoT की यह कोशिश है कि हर नागरिक सतर्क रहे और डिजिटल धोखाधड़ी के विरुद्ध लड़ाई में सहभागी बने। आपका एक छोटा कदम भी किसी बड़े साइबर अपराध को रोक सकता है।


