Delhi Crime: दिल्ली में एटीएम कार्ड स्वैपिंग गैंग का पर्दाफाश: ईआर-II क्राइम ब्रांच ने दो शातिर जालसाजों को दबोचा, 41 डेबिट कार्ड बरामद
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
दिल्ली की ईआर-II क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एटीएम कार्ड स्वैपिंग से जुड़ी एक गंभीर धोखाधड़ी का भंडाफोड़ किया है। टीम ने दो सीरियल ठगों – आसिफ और तालिब को गिरफ्तार किया है, जो न केवल एटीएम धोखाधड़ी में लिप्त थे बल्कि चोरी की स्कूटी का इस्तेमाल कर घटनास्थल से फरार होने की योजना भी बनाते थे। इस कार्रवाई में उनके कब्जे से विभिन्न बैंकों के कुल 41 डेबिट कार्ड बरामद किए गए, जिनका इस्तेमाल इन्होंने भोले-भाले नागरिकों के खातों से पैसे उड़ाने के लिए किया था।
यह कार्रवाई 23 मई 2025 को उस समय शुरू हुई जब एएसआई सतेंद्र को खुफिया जानकारी मिली कि लोनी के निवासी आसिफ और तालिब मौजपुर-शाहदरा क्षेत्र में एक और ठगी को अंजाम देने के इरादे से चोरी की स्कूटी से आ रहे हैं। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर सुनील कुंडू के नेतृत्व में और एसीपी श्री यशपाल सिंह के निर्देशन में एसआई शैलेंद्र तिवारी, एएसआई सतेंद्र, एचसी सुरजीत और एचसी चंद्र प्रताप की टीम ने त्वरित कार्रवाई की योजना बनाई।
कर्दमपुरी नाला रोड, अंबेडकर कॉलेज के पीछे एक रणनीतिक स्थान पर जाल बिछाया गया, जहां दोनों आरोपियों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये ठग वरिष्ठ नागरिकों और तकनीकी रूप से कमज़ोर लोगों को निशाना बनाते थे। एक आरोपी एटीएम के भीतर मदद की पेशकश करता था, जबकि दूसरा बाहर से निगरानी करता था। पीड़ितों को सहायता देने का नाटक करते हुए वे उनका एटीएम पिन चोरी-छिपे देख लेते और फिर असली कार्ड को हूबहू दिखने वाले नकली या पहले से चोरी किए गए कार्ड से बदल देते।
जैसे ही उनके पास असली कार्ड और सही पिन आ जाता, वे तुरंत अलग-अलग एटीएम में जाकर नकदी निकाल लेते। तेज़ी से स्थान बदलने के लिए वे चोरी की स्कूटी का इस्तेमाल करते थे, जिससे पुलिस की निगरानी से बचा जा सके।
इन दोनों अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ ही न केवल एक सक्रिय गिरोह को धर दबोचा गया है, बल्कि राजधानी में आम नागरिकों की वित्तीय सुरक्षा को भी एक बड़ा संबल मिला है। यह सफलता न केवल ईआर-II क्राइम ब्रांच की तत्परता और समर्पण का परिणाम है, बल्कि तकनीक का दुरुपयोग कर लोगों को ठगने वालों के लिए भी एक चेतावनी है।
ईआर-II क्राइम ब्रांच ने अपने सराहनीय प्रयास से यह साबित कर दिया है कि दिल्ली पुलिस साइबर और वित्तीय अपराधों से निपटने में पूरी तरह सक्षम और सजग है। आगे की जांच के दौरान और भी खुलासे होने की संभावना है, जिससे इस गिरोह के अन्य सदस्यों का भी पता लगाया जा सकेगा।


