Bhagat Singh Jayanti: क्रांतिकारियों को शहीद का दर्जा मिले – परमजीत सिंह पम्मा
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर वरिष्ठ व्यापारी नेता और नेशनल अकाली दल के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सरकार से बड़ी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान क्रांतिकारियों को अब तक शहीद का दर्जा नहीं दिया गया है, जो बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है।
दिल्ली के सदर बाजार बारी मार्केट ट्रेड्स एसोसिएशन के आयोजन में व्यापारी नेता दीपक मित्तल, वरिंदर आर्य, सुनील पुरी, तरुण सोनी, शेखर कटारिया, गंगाधर सहित अनेक व्यापारी व समाजसेवी शामिल हुए। सभी ने शहीद भगत सिंह को नमन किया और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान “इंकलाब जिंदाबाद”, “भारत माता की जय”, और “क्रांतिकारियों को शहीद का दर्जा दो” जैसे गगनभेदी नारे भी लगे।
परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव और चंद्रशेखर आजाद जैसे वीर सपूतों ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमा। लेकिन आजादी के इतने दशकों बाद भी सरकारों ने उन्हें शहीद का आधिकारिक दर्जा देने की जहमत नहीं उठाई। उन्होंने कहा कि केवल यही नहीं, कई अन्य क्रांतिकारियों के परिवार आज भी सरकारी मदद और सम्मान से वंचित हैं।
पम्मा ने सरकार से आग्रह किया कि जो क्रांतिकारी स्वतंत्रता संग्राम के दौरान शहीद हुए, उन्हें आधिकारिक रूप से “शहीद” का दर्जा दिया जाए। यह कदम न केवल उनके बलिदान को सम्मान देगा बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। उन्होंने कहा कि आजादी के लिए प्राणों की आहुति देने वाले वीरों को उचित मान्यता और उनके परिवारों को सम्मान मिलना बेहद जरूरी है।
यह मांग देशभक्ति की भावना को मजबूत करेगी और समाज को एकजुट करने में भी मददगार साबित होगी। परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि यह केवल सम्मान का विषय नहीं बल्कि राष्ट्र की आत्मा से जुड़ा हुआ मुद्दा है।



