Delhi: हथियारों के साये में साजिश: मंगोल पुरी लूटकांड का पर्दाफाश, ‘जंगली गैंग’ का निशांत गिरफ्तार
दिल्ली के मंगोल पुरी इलाके में 8 मई 2025 को हुई सनसनीखेज हथियारबंद लूट की गुत्थी को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सुलझा लिया है। इस मामले में ‘लक्षय उर्फ़ जंगली गैंग’ से जुड़े मुख्य आरोपी निशांत को गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से लूट में इस्तेमाल की गई उन्नत पिस्टल और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया।
मामले की शुरुआत 8 मई को तब हुई जब तीन हथियारबंद बदमाशों ने हवा में फायरिंग करते हुए एक व्यवसायी से उसकी अपाचे मोटरसाइकिल लूट ली थी। इस संबंध में मंगोल पुरी थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी लेकिन आरोपी पकड़ से बाहर थे। इसके बाद मामला एनआर-II क्राइम ब्रांच के पास पहुंचा।
एसीपी नरेंद्र बेनीवाल की निगरानी और इंस्पेक्टर संदीप स्वामी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई जिसमें उप निरीक्षक पंकज सरोहा, प्रदीप दहिया, सुखविंदर और प्रधान सिपाही नवल, नितिन, राज आर्यन, अजय और सिपाही योगेंद्र शामिल थे। टीम ने इलाके में लगातार खुफिया निगरानी रखी और अंततः प्रधान सिपाही राज आर्यन को सूचना मिली कि आरोपी निशांत रोहिणी सेक्टर 37-38 के पास किसी से मिलने वाला है। पुलिस टीम ने फौरन घेराबंदी कर उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में निशांत ने खुलासा किया कि वह पहले पार्टियों और शादियों में डीजे और लाउडस्पीकर की सेवा देता था। इसी दौरान उसकी जान-पहचान लक्षय उर्फ जंगली और अन्य बदमाशों से हुई। जल्द ही वह उनके गैंग में शामिल हो गया और नकदी लूट की योजना में भागीदार बना। मोटरसाइकिल की जरूरत के चलते उन्होंने एक व्यापारी से बंदूक की नोक पर गाड़ी लूटी। फायरिंग भी निशांत ने खुद की थी।
25 वर्षीय निशांत मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत जिले का रहने वाला है। वह दसवीं पास है और पढ़ाई छोड़ने के बाद स्थानीय स्तर पर डीजे सेवा देने लगा था। बाद में उसने गांव में दुकान भी खोली, लेकिन आमदनी न होने के कारण अपराध के रास्ते पर उतर गया।
गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ क्राइम ब्रांच थाने में एफआईआर संख्या 118/25 धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई से मंगोल पुरी में एक और संभावित बड़ी वारदात को समय रहते टाल दिया गया है।


