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Cyber Security Awareness: स्पैम DND से परे, ब्लॉक करें, रिपोर्ट करें, एस्केलेट करें

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Cyber Security Awareness: स्पैम DND से परे, ब्लॉक करें, रिपोर्ट करें, एस्केलेट करें

Cyber Security Awareness: स्पैम DND से परे, ब्लॉक करें, रिपोर्ट करें, एस्केलेट करें

रिपोर्ट, हेमंत कुमार।

डिजिटल युग में स्पैम और साइबर धोखाधड़ी लगातार नए रूप ले रही है। अब केवल कॉल और SMS ही नहीं, बल्कि OTT प्लेटफॉर्म और अंतरराष्ट्रीय नंबरों के जरिए भी लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। ऐसे में नागरिकों को यह समझना बेहद जरूरी है कि कब केवल ब्लॉक करना पर्याप्त है और कब मामले को एस्केलेट करना आवश्यक हो जाता है।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी Telecom Regulatory Authority of India का DND ऐप केवल भारतीय नंबरों से आने वाली स्पैम कॉल और SMS की रिपोर्टिंग की सुविधा देता है। लेकिन WhatsApp, Telegram, Signal जैसे OTT प्लेटफॉर्म या अंतरराष्ट्रीय नंबर TRAI के सीधे नियमन के दायरे में नहीं आते।

OTT प्लेटफॉर्म पर स्पैम मिलने की स्थिति में सबसे पहले संबंधित चैट खोलें, संपर्क या ग्रुप नाम पर टैप करें और नीचे स्क्रॉल कर Report विकल्प चुनें। कई प्लेटफॉर्म प्रोफाइल सेक्शन में भी Report का विकल्प देते हैं। हर ऐप की प्रक्रिया थोड़ी अलग हो सकती है, लेकिन रिपोर्टिंग जरूर करें ताकि मॉडरेशन टीम कार्रवाई कर सके।

अंतरराष्ट्रीय नंबरों से आने वाली कॉल या SMS के मामले में TRAI का अधिकार क्षेत्र सीमित है। ऐसे में अपने डिवाइस पर नंबर ब्लॉक करना पहला कदम होना चाहिए। यदि संदेश OTT प्लेटफॉर्म के जरिए आया है तो वहां भी रिपोर्ट अवश्य करें।

इस दिशा में संचार साथी पोर्टल के तहत ‘चक्षु’ की भूमिका महत्वपूर्ण है। नागरिक संदिग्ध कॉल या संदेश—जैसे नकली KYC, फ़िशिंग लिंक या प्रतिरूपण—को https://sancharsaathi.gov.in पर रिपोर्ट कर सकते हैं। शिकायत दर्ज करते समय प्रेषक का नंबर, स्क्रीनशॉट और घटना का विवरण देना जरूरी है।

चक्षु स्वयं सीधे नंबर ब्लॉक नहीं करता, बल्कि यह एक रिपोर्टिंग गेटवे की तरह काम करता है। सत्यापन के बाद मामलों को DIP (Digital Intelligence Platform) को भेजा जाता है। DIP टेलीकॉम ऑपरेटरों, बैंकों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय कर कार्रवाई सुनिश्चित करता है। जरूरत पड़ने पर संदिग्ध नंबर ब्लॉक किए जाते हैं, बैंक खाते फ्रीज़ किए जाते हैं और कानूनी कार्रवाई शुरू होती है।

OTT प्लेटफॉर्म से जुड़े मामलों में संबंधित कंपनियों को सूचना साझा की जाती है, जिससे धोखाधड़ी अकाउंट निलंबित या प्रतिबंधित किए जा सकें। इस तरह टेलीकॉम, OTT और वित्तीय संस्थान मिलकर समन्वित कार्रवाई करते हैं।

नागरिक सुरक्षा के लिए कुछ मूलभूत सावधानियां जरूरी हैं। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, OTP साझा न करें और सभी सबूत—जैसे स्क्रीनशॉट, कॉल लॉग और लिंक—सुरक्षित रखें। गंभीर मामलों में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in या 1930 हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत दर्ज करें।

यदि मामला वित्तीय धोखाधड़ी, फ़िशिंग, अधिकारियों या कंपनियों के प्रतिरूपण, धमकी या उत्पीड़न से जुड़ा हो, तो इसे केवल ब्लॉक कर छोड़ना पर्याप्त नहीं है। ऐसे मामलों को NCRP, हेल्पलाइन 1930 या स्थानीय साइबर सेल तक एस्केलेट करना अनिवार्य है।

डिजिटल सुरक्षा का मूल मंत्र स्पष्ट है—पहले ब्लॉक करें, फिर रिपोर्ट करें, और जरूरत पड़े तो एस्केलेट करें। सजग नागरिक ही साइबर अपराध के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच हैं।

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