Delhi: देशभक्ति की एक मिसाल: ईस्ट ऑफ कैलाश में ध्वजारोहण कार्यक्रम बना राष्ट्रीय एकता और सेना के प्रति आभार का प्रतीक
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित दिल्ली नगर निगम प्राथमिक प्रतिभा विद्यालय, बी ब्लॉक में एक भव्य ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर निगम पार्षद राजपाल सिंह ने तिरंगा झंडा फहराया और उपस्थित जनसमूह को देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम में स्थानीय बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों ने भाग लिया और देश की रक्षा के लिए तन, मन और धन से समर्पण की शपथ ली।
राजपाल सिंह ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत एक शांतिप्रिय राष्ट्र है, लेकिन यदि कोई हमारी संप्रभुता पर हमला करेगा तो उसे करारा जवाब मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह ध्वजारोहण मात्र एक औपचारिकता नहीं, बल्कि हमारी सेना के शौर्य को नमन करने और पाकिस्तान को मुँहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय सेना के प्रति आभार प्रकट करने का प्रतीक है।
कार्यक्रम के दौरान निगम पार्षद ने नागरिकों का मनोबल बढ़ाया और तिरंगे की शान के लिए हर समय तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने आशा जताई कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से पाकिस्तान में छिपे आतंकियों का पूरी तरह सफाया होगा। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे हर परिस्थिति में सेना और राष्ट्र के साथ खड़े रहें।
इस कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर जे एस चड्ढा और अमर कॉलोनी थाना प्रभारी अनुज अग्रवाल ने भी भाग लिया। उन्होंने भी लोगों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज आवश्यकता है कि हर नागरिक सजग और संगठित रहे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में एकजुट होकर देश की रक्षा की जा सके।
कैलाश हिल्ज़ के वरिष्ठ समाजसेवी पवन शर्मा ने बताया कि इस आयोजन में समाज के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे, जिनमें बालेश्वर वर्मा, राजू बुदलानी, वीरेंद्र गौतम, नगर निगम स्कूल के प्रिंसिपल और शिक्षा अधिकारी शामिल रहे। सभी ने मिलकर राष्ट्र प्रेम की भावना को और मजबूत किया। बच्चों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से कार्यक्रम स्थल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
यह आयोजन न केवल ध्वजारोहण का एक पर्व था, बल्कि सामूहिक शक्ति, सेवा भावना और राष्ट्रीय एकता का सजीव उदाहरण भी बना। स्थानीय नागरिकों ने तिरंगा झंडा फहराकर अपने राष्ट्रप्रेम और देश की रक्षा के लिए प्रतिबद्धता को दोहराया।