रिपोर्ट: मन्मीन वालिया, नई दिल्ली
द्वारका जिले के थाना द्वारका साउथ की पुलिस टीम ने शानदार और तेज कार्रवाई करते हुए महज 36 घंटे के भीतर एक बड़े घर चोरी के मामले का खुलासा कर दिया। इस कार्रवाई में तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक किशोर (CCL) को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने चोरी किया गया पूरा सामान यानी 100 प्रतिशत रिकवरी भी कर ली है, जिसकी कुल कीमत 5 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
यह मामला 16 मार्च 2026 का है, जब सेक्टर-7 द्वारका स्थित एक घर में चोरी की सूचना PCR कॉल के जरिए पुलिस को मिली। शिकायतकर्ता ने बताया कि चोरों ने घर की लोहे की खिड़की तोड़कर अंदर प्रवेश किया और चांदी के सिक्के, भगवान गणेश व राधा-कृष्ण की मूर्तियां, नंदी की भारी पीतल की मूर्तियां, करीब 75 हजार रुपये की मोंट ब्लांक पेन, महंगी घड़ियां और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना द्वारका साउथ की एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही, स्थानीय सूत्रों और तकनीकी जानकारी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया। आखिरकार एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सेक्टर-7 के पार्क से तीनों आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
जांच में सामने आया कि आरोपी नशे के आदी हैं और जल्दी पैसा कमाने के लिए चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। इलाके की अच्छी जानकारी होने के कारण उन्होंने सुनियोजित तरीके से घर को निशाना बनाया। गिरफ्तार मुख्य आरोपी सोनू मिश्रा पहले भी चोरी के एक मामले में शामिल रह चुका है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भगवान गणेश, राधा-कृष्ण और नंदी की भारी मूर्तियां, चांदी के सिक्के, कीमती पेन, घड़ियां और अन्य सामान बरामद किया, जिसकी पहचान शिकायतकर्ता ने मौके पर ही कर ली।
इस सराहनीय सफलता का श्रेय द्वारका जिले के डीसीपी कुशल पाल सिंह को जाता है, जिनके नेतृत्व में जिले में लगातार बेहतर पुलिसिंग देखने को मिल रही है। उनके मार्गदर्शन में पुलिस टीमों द्वारा अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई की जा रही है, जिससे जनता में सुरक्षा का विश्वास और मजबूत हुआ है।
साथ ही, थाना द्वारका साउथ की पूरी टीम—जिसमें SHO इंस्पेक्टर राजेश कुमार साह, एसीपी किशोर कुमार रेवाला और अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे—की मेहनत, सतर्कता और समर्पण इस सफलता में साफ नजर आता है। टीम की लगातार मेहनत, तकनीकी जांच और जमीनी स्तर पर काम करने की क्षमता ने इस केस को रिकॉर्ड समय में सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।
यह कार्रवाई न सिर्फ पुलिस की तत्परता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि द्वारका पुलिस अपराधियों के खिलाफ पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है।


