Home State Delhi NCR Delhi Crime: दिल्ली पुलिस ने किया सेक्सटॉर्शन और साइबर धोखाधड़ी गैंग का भंडाफोड़, 15 आरोपी गिरफ्तार, ₹5 करोड़ की मनी ट्रेल का पर्दाफाश

Delhi Crime: दिल्ली पुलिस ने किया सेक्सटॉर्शन और साइबर धोखाधड़ी गैंग का भंडाफोड़, 15 आरोपी गिरफ्तार, ₹5 करोड़ की मनी ट्रेल का पर्दाफाश

0
Delhi Crime: दिल्ली पुलिस ने किया सेक्सटॉर्शन और साइबर धोखाधड़ी गैंग का भंडाफोड़, 15 आरोपी गिरफ्तार, ₹5 करोड़ की मनी ट्रेल का पर्दाफाश
Delhi Crime: दिल्ली पुलिस ने किया सेक्सटॉर्शन और साइबर धोखाधड़ी गैंग का भंडाफोड़, 15 आरोपी गिरफ्तार, ₹5 करोड़ की मनी ट्रेल का पर्दाफाश
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एक बड़े अभियान में सेक्सटॉर्शन और साइबर धोखाधड़ी से जुड़े एक अंतरराज्यीय अपराध सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जो दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान तक फैला हुआ था। यह गैंग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और फर्जी बैंक लोन कॉल सेंटर्स के जरिए आम नागरिकों को निशाना बना रहा था। इस पूरे ऑपरेशन में 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि 9 को पाबंद किया गया है। इनके पास से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, फर्जी दस्तावेज और आपत्तिजनक वीडियो-फोटो बरामद हुए हैं। अपराध शाखा के अनुसार, अब तक ₹5 करोड़ से अधिक की मनी ट्रेल का पता चला है, जिसे यह नेटवर्क साइबर धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग के जरिए कमा चुका था।
यह कार्रवाई इंस्पेक्टर मंजीत कुमार के नेतृत्व में और एसीपी अनिल शर्मा की निगरानी में की गई। 24 मई 2025 को अपराध शाखा को सूचना मिली कि न्यू अशोक नगर इलाके में कुछ लोग सिंथेटिक बैंकिंग किट के साथ मूवमेंट में हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने योजना बनाकर ऑपरेशन चलाया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया – उज्जवल पांडे (30 वर्ष), गौरव बरुआ (24 वर्ष) और युग शर्मा (19 वर्ष)। इनके पास से पहले से सक्रिय सिम कार्ड, फर्जी बैंक दस्तावेज, नकली डेबिट/क्रेडिट कार्ड और मोबाइल डिवाइस बरामद किए गए। पुलिस जांच में सामने आया कि ये लोग फर्जी पहचान के जरिए “सिंथेटिक फाइनेंशियल आइडेंटिटी” बनाते थे, जिनका इस्तेमाल साइबर क्राइम, बैंकिंग स्कैम और सेक्सटॉर्शन में होता था।
तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को एक और लीड मिली, जिसके आधार पर मुण्डका इलाके में स्थित एक फर्जी बैंक लोन कॉल सेंटर पर छापा मारा गया। यहां से सात और आरोपी पकड़े गए, जिनमें कॉल सेंटर का संचालक दिलशाद अली और उसके साथी टेली कॉलर – सौरव, प्रवेश, रौनक और तीन महिलाएं शामिल थीं। इनका तरीका था – लोगों को लोन दिलाने के नाम पर कॉल करना, दस्तावेज मंगवाना और प्रोसेसिंग फीस के बहाने ठगी करना। जैसे ही पैसे मिलते, नंबर बंद कर दिया जाता और संपर्क समाप्त कर दिया जाता। पूछताछ में पता चला कि यह कॉल सेंटर फरार आरोपी अमित के साथ मिलकर चलाया जा रहा था।
इसके बाद एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए अपराध शाखा की टीम ने न्यू अशोक नगर में एक सेक्सटॉर्शन गिरोह का पर्दाफाश किया, जिसमें चार और आरोपी गिरफ्तार किए गए। इस रैकेट का संचालन सोशल मीडिया के माध्यम से किया जा रहा था, जिसमें आरोपी पहले फेसबुक के जरिए पीड़ित से दोस्ती करते थे, फिर वीडियो कॉल पर अश्लील क्लिप दिखाकर पीड़ित की स्क्रीन रिकॉर्डिंग करते थे। इसके बाद उसी वीडियो के जरिए उन्हें बदनाम करने की धमकी देकर मोटी रकम ऐंठते थे। गिरफ्तार हुए आरोपियों में जाहिद, रहीश, सोहिल और जयश्री शामिल हैं। जयश्री पूर्व में एक बीपीओ में काम कर चुकी थी, लेकिन बाद में इस रैकेट में शामिल हो गई थी। वहीं, जयवीर नामक युवक भी पिछले एक वर्ष से इस रैकेट का हिस्सा था।
गिरफ्तार सभी आरोपियों में से कई उच्च शिक्षित हैं जबकि कुछ ने स्कूल की पढ़ाई भी पूरी नहीं की। गौरव बरुआ ने इग्नू से स्नातक किया है और बीमा कंपनी में काम कर चुका है, वहीं दिलशाद अली पहले कोटक लाइफ इंश्योरेंस में भी नौकरी कर चुका है। जयश्री अलवर यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट है जबकि युग शर्मा अभी किशोर अवस्था में है, लेकिन पूरी तरह अपराध की दुनिया में कदम रख चुका है। उज्जवल पांडे ने दिल्ली में एक साइबर कैफे शुरू किया था लेकिन जल्द ही फर्जी सिम कार्ड और खातों के कारोबार में उतर गया।
पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने 28 मोबाइल फोन, 30 सिम कार्ड, 2 लैपटॉप, 8 चेकबुक, 15 डेबिट कार्ड और कई फर्जी बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए हैं। इसके अतिरिक्त, कई आपत्तिजनक वीडियो और फोटो भी बरामद किए गए हैं जिनका इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने यह भी खुलासा किया है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए ₹5 करोड़ से अधिक की रकम की मनी ट्रेल ट्रैक की गई है और इसमें और भी नामों का सामने आना बाकी है।
फिलहाल अपराध शाखा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और पैसों के प्रवाह की गहनता से जांच कर रही है। साइबर धोखाधड़ी और सेक्सटॉर्शन के इस संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है, जो देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय ऐसे अन्य गिरोहों के लिए एक चेतावनी साबित हो सकती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here