Home Crime Delhi crime: दिल्ली पुलिस ने ₹39.76 लाख की ब्लाइंड रॉबरी का 48 घंटे में खुलासा, 100% रकम बरामद

Delhi crime: दिल्ली पुलिस ने ₹39.76 लाख की ब्लाइंड रॉबरी का 48 घंटे में खुलासा, 100% रकम बरामद

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Delhi crime: दिल्ली पुलिस ने ₹39.76 लाख की ब्लाइंड रॉबरी का 48 घंटे में खुलासा, 100% रकम बरामद

Delhi crime: दिल्ली पुलिस ने ₹39.76 लाख की ब्लाइंड रॉबरी का 48 घंटे में खुलासा, 100% रकम बरामद

रिपोर्ट: हेमंत कुमार

दिल्ली पुलिस के आउटर नॉर्थ जिले की शाहबाद डेयरी थाना पुलिस ने एक बड़ी और सनसनीखेज कामयाबी हासिल करते हुए ₹39.76 लाख की हाई-प्रोफाइल ब्लाइंड रॉबरी का 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने साजिश के मास्टरमाइंड समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और लूटी गई पूरी रकम के साथ-साथ वारदात में इस्तेमाल वाहन और अन्य सामान भी बरामद कर लिया गया है। यह मामला न केवल तेज़ पुलिस कार्रवाई का उदाहरण है, बल्कि संगठित अपराध के खिलाफ दिल्ली पुलिस की मजबूत रणनीति और तकनीकी दक्षता को भी दर्शाता है।

यह मामला 20 जनवरी 2026 को दर्ज किया गया था, जब एक कारोबारी से ट्रांजैक्शन के तुरंत बाद बंदूक की नोक पर लगभग ₹40 लाख नकद लूट लिए गए थे। वारदात इतनी योजनाबद्ध थी कि शुरुआत में किसी भी आरोपी का कोई सुराग नहीं मिल पाया, जिसके चलते इसे एक “ब्लाइंड रॉबरी” माना जा रहा था। FIR नंबर 37/26 को BNS की धारा 309(4) और 3(5) के तहत शाहबाद डेयरी थाने में दर्ज किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए शाहबाद डेयरी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश मलिक के नेतृत्व में चार विशेष टीमें गठित की गईं। इन टीमों में एसआई प्रवीण, एचसी अनिरुद्ध, एचसी बृजेश, एचसी मुकेश, एचसी सुधीर, एचसी अमित और एचसी प्रवीण शामिल थे। यह पूरा ऑपरेशन एसीपी बवाना श्री जोगिंदर सिंह के मार्गदर्शन, डीसीपी आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट श्री हरेश्वर स्वामी, आईपीएस की निगरानी और नॉर्दर्न रेंज दिल्ली के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस श्री विजय सिंह, आईपीएस के समग्र नेतृत्व में चलाया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने आधुनिक पुलिसिंग के सभी पहलुओं का इस्तेमाल किया। घंटों तक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, डिजिटल और तकनीकी सुरागों का विश्लेषण किया गया, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स की गहराई से जांच हुई और स्थानीय स्तर पर ह्यूमन इंटेलिजेंस को सक्रिय किया गया। इन प्रयासों के जरिए पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि यह लूट किसी बाहरी गिरोह द्वारा नहीं, बल्कि पीड़ित के परिचितों द्वारा रची गई एक सोची-समझी साजिश थी।

लगातार छापेमारी के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में अमित अग्रवाल उर्फ सोनू, उम्र 42 वर्ष, जो इस साजिश का मास्टरमाइंड था; सुरेंद्र सिंह, उम्र 41 वर्ष, जिसने वारदात में इस्तेमाल कार चलाई; वीरेंद्र कुमार उर्फ बॉबी, उम्र 54 वर्ष, जिसने स्कूटी पर बंदूक की नोक पर लूट को अंजाम दिया; और पवन शर्मा, उम्र 46 वर्ष, जो अमित अग्रवाल का पार्टनर था और लूट में सक्रिय रूप से शामिल था, शामिल हैं।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹39.76 लाख की पूरी नकद राशि, एर्टिगा कार, स्कूटी, नकदी से भरा नीले रंग का बैग और पीड़ित के महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, आरसी और एसबीआई कार्ड बरामद किए हैं। 100 प्रतिशत रिकवरी इस केस को और भी खास बनाती है।

दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह सफलता टीमवर्क, तेज़ निर्णय लेने की क्षमता और तकनीकी विशेषज्ञता का परिणाम है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आगे की जांच जारी है ताकि किसी अन्य आपराधिक लिंक का पता लगाया जा सके और वारदात में इस्तेमाल हथियार की भी बरामदगी की जा सके। यह कार्रवाई अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है कि कानून से बच पाना संभव नहीं है और दिल्ली पुलिस हर चुनौती का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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