Home State Delhi NCR Infant Kidnapping Case: डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल से नवजात शिशु चोरी, नॉर्थ रोहिणी पुलिस ने घंटों में किया बरामद

Infant Kidnapping Case: डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल से नवजात शिशु चोरी, नॉर्थ रोहिणी पुलिस ने घंटों में किया बरामद

0
Infant Kidnapping Case: डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल से नवजात शिशु चोरी, नॉर्थ रोहिणी पुलिस ने घंटों में किया बरामद

Infant Kidnapping Case: डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल से नवजात शिशु चोरी, नॉर्थ रोहिणी पुलिस ने घंटों में किया बरामद

रिपोर्ट: हेमंत कुमार

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने बड़ा उदाहरण पेश किया है। उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के रोहिणी इलाके स्थित डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल से मंगलवार सुबह एक नवजात शिशु के अपहरण की घटना सामने आई, जिससे अस्पताल प्रशासन और परिजनों में हड़कंप मच गया। परिवार के लिए यह पल किसी दुःस्वप्न से कम नहीं था, क्योंकि जन्म के कुछ ही समय बाद उनका बच्चा अचानक गायब हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही नॉर्थ रोहिणी थाना पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस अधिकारियों ने तुरंत अस्पताल पहुंचकर पूरे परिसर को खंगाला और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच शुरू की। फुटेज में एक संदिग्ध महिला नवजात को गोद में लेकर बाहर जाती हुई दिखाई दी। इसके बाद महिला की पहचान कर उसकी गतिविधियों का पीछा किया गया।

जांच में सामने आया कि आरोपी महिला पुलिस से बचने के लिए लगातार वाहन बदल रही थी और अपनी लोकेशन छुपाने की कोशिश कर रही थी। पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस, मोबाइल ट्रैकिंग और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से उसकी गतिविधियों को ट्रेस किया। कई टीमों को अलग-अलग दिशाओं में रवाना किया गया ताकि आरोपी को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।

आखिरकार पुलिस ने मेरठ एक्सप्रेसवे पर घेराबंदी कर महिला और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया। राहत की बात यह रही कि नवजात शिशु पूरी तरह सुरक्षित मिला। मेडिकल जांच के बाद बच्चे को परिजनों को सौंप दिया गया। जब परिवार ने अपने बच्चे को दोबारा गोद में लिया तो अस्पताल परिसर में भावुक माहौल देखने को मिला। परिजनों की आंखों में आंसू थे, लेकिन इस बार ये आंसू राहत और खुशी के थे।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस वारदात के पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है। संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाए जाएं।

इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में सुरक्षा प्रोटोकॉल की आवश्यकता को रेखांकित किया है। नवजात वार्ड और प्रसूति केंद्रों में निगरानी, प्रवेश नियंत्रण और पहचान सत्यापन की व्यवस्था को और सख्त करने की जरूरत बताई जा रही है।

दिल्ली पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने न केवल एक मासूम की जान को सुरक्षित रखा, बल्कि यह भी साबित किया कि मुस्तैदी और तकनीकी दक्षता के दम पर गंभीर अपराधों को भी कम समय में सुलझाया जा सकता है। स्थानीय लोगों और परिजनों ने पुलिस टीम की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here