Delhi Robbery Case: दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी, सुभाष प्लेस सशस्त्र डकैती के फरार आरोपी को उत्तर प्रदेश के आगरा से दबोचा गया
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
नई दिल्ली की सुभाष प्लेस में हुए 50 लाख रुपये से अधिक मूल्य के आभूषणों की सशस्त्र डकैती मामले में दिल्ली पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। क्राइम ब्रांच की एनआर-II टीम ने फरार चल रहे मुख्य आरोपी शिवम उर्फ शुभम उर्फ शिबू (22 वर्ष), निवासी मंगोलपुरी, दिल्ली को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी सटीक खुफिया जानकारी और तकनीकी निगरानी के आधार पर की गई है। आरोपी एक महीने से अधिक समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था।
क्या है मामला?
12 जून 2025 को सुभाष प्लेस थाना क्षेत्र के एक पॉश इलाके में दिनदहाड़े तीन सशस्त्र हमलावरों ने एक सेल्समैन को चाकू मारकर 50 लाख रुपये से अधिक के सोने और चांदी के आभूषण लूट लिए थे। इस घटना से न केवल स्थानीय जनता में दहशत फैल गई थी, बल्कि यह अपराध राजधानी में कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा था। इस मामले में एफआईआर संख्या 365/25 के तहत बीएनएस की कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
पहले गिरफ्तार हुए आरोपी
इस सनसनीखेज वारदात में शामिल दो मुख्य आरोपी — जितेंद्र उर्फ सुजल उर्फ पासी और विजय कुमार के साथ-साथ विशाल सैन उर्फ विशु को स्थानीय पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी। लेकिन चौथा आरोपी शिवम लगातार फरार था और दिल्ली पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।
कैसे हुआ गिरफ्तारी का ऑपरेशन?
एसीपी/एनआर-II श्री नरेंद्र बेनीवाल और इंस्पेक्टर संदीप स्वामी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया जिसमें सब-इंस्पेक्टर पंकज सरोहा, प्रदीप दहिया, सुखविंदर, एएसआई सुनील और प्रधान सिपाही राज आर्यन समेत अन्य अधिकारी शामिल थे। डीसीपी क्राइम हर्ष इंदौरा की देखरेख में टीम को आरोपी को पकड़ने का जिम्मा सौंपा गया।
इस दौरान प्रधान सिपाही राज आर्यन को एक गोपनीय सूचना मिली कि आरोपी शिवम आगरा के सती नगर, नरायच इलाके में छिपा हुआ है। इसके बाद टीम ने बिना समय गंवाए आगरा पहुंचकर वहां निगरानी की और आखिरकार आरोपी को धर दबोचा।
पूछताछ में हुआ खुलासा
गिरफ्तारी के बाद की गई पूछताछ में आरोपी शिवम ने अपना अपराध कबूल कर लिया है। उसने बताया कि उसके पिता की मृत्यु के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई थी। उसने पहले एसी रिपेयरिंग का काम किया, फिर रोहिणी सेक्टर-9 में एक कपड़े की दुकान पर काम करने लगा, लेकिन पैसों की कमी बनी रही। इसी दौरान पड़ोसी कायम ने उसे अपराध की राह दिखाई और पैसे व ऐशोआराम के लालच में उसने जितेंद्र और अन्य साथियों के साथ मिलकर इस लूट की योजना बनाई और अंजाम दिया।
आरोपी की पृष्ठभूमि
शिवम उर्फ शुभम उर्फ शिबू ने केवल दसवीं तक ही पढ़ाई की थी। उसके बाद पिता के निधन और गरीबी के चलते उसने छोटे-मोटे काम करना शुरू कर दिया। खराब संगति, लालच और जल्दी पैसे कमाने की चाह में उसने अपराध का रास्ता चुना। अब वह कानून के शिकंजे में है।


