Home State Delhi NCR Delhi Saket Dog controversy: साकेत में स्ट्रे डॉग विवाद फिर भड़का, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लोगों का गुस्सा

Delhi Saket Dog controversy: साकेत में स्ट्रे डॉग विवाद फिर भड़का, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लोगों का गुस्सा

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Delhi Saket Dog controversy: साकेत में स्ट्रे डॉग विवाद फिर भड़का, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लोगों का गुस्सा

Delhi Saket dog controversy: साकेत में स्ट्रे डॉग विवाद फिर भड़का, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लोगों का गुस्सा

रिपोर्ट: हेमंत कुमार

दिल्ली के साकेत इलाके में आवारा कुत्तों को लेकर विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद राजधानी और एनसीआर के कई इलाकों में विरोध-प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि केवल आक्रामक प्रवृत्ति वाले या रैबीज़ से संक्रमित कुत्तों को ही शेल्टर में रखा जाएगा। बाकी स्ट्रे डॉग्स का वैक्सीनेशन और स्टरलाइजेशन कराकर उन्हें वहीं छोड़ा जाएगा, जहां से उन्हें पकड़ा गया है।

इस फैसले पर डॉग लवर्स ने राहत की सांस ली है, लेकिन साकेत और आसपास के लोगों में नाराजगी है। रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के सदस्यों का कहना है कि यह आदेश आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। उनका सवाल है कि आखिर कौन तय करेगा कि कोई कुत्ता आक्रामक है या नहीं। “बच्चों और बुजुर्गों पर आए दिन हमले हो रहे हैं, ऐसे में यह आदेश ज़मीनी हकीकत से मेल नहीं खाता,” स्थानीय निवासियों ने कहा।

लोगों का यह भी आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट ने एमसीडी को फीडिंग प्वाइंट बनाने का आदेश दिया है, लेकिन इस आदेश का पालन कराने की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने उदाहरण दिया कि पहले भी फुटपाथ अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया गया था, लेकिन आज भी फुटपाथ पर अतिक्रमण कायम है।

वहीं दूसरी ओर, कुछ लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का समर्थन किया है। उनका कहना है कि सभी कुत्तों को जबरन शेल्टर में डालना अमानवीय है। कुत्ते भी समाज का हिस्सा हैं और अगर उनका सही तरीके से वैक्सीनेशन और स्टरलाइजेशन हो, तो इंसानों और कुत्तों के बीच संतुलन कायम किया जा सकता है।

साकेत आरडब्ल्यूए के एक सदस्य ने कहा, “हम चाहते हैं कि सरकार और नगर निगम मिलकर एक ठोस रोडमैप तैयार करें, जिससे इंसानों और कुत्तों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।”

स्पष्ट है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आवारा कुत्तों को हटाने का रास्ता बंद हो गया है। लेकिन साकेत में उठे सवाल और आम लोगों की सुरक्षा की चिंता इस विवाद को शांत होने नहीं दे रही।

 

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