Cyber Alert: लोन ऐप्स के ज़रिए फिर शुरू हुआ ब्लैकमेल का नया तरीका
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
दिल्ली पुलिस द्वारा डिंगटॉक ऐप जैसे फर्जी लोन प्लेटफॉर्म्स से जुड़े चीनी साइबर गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद यह माना गया था कि अब ऐसे ऐप्स से राहत मिलेगी। लेकिन अब एक नया और डरावना साइबर अपराध सामने आया है — मॉर्फ की गई अश्लील तस्वीरों के ज़रिए ब्लैकमेल, जिसमें खासतौर पर पाकिस्तान (+92) के नंबरों से धमकियां दी जा रही हैं।
🚨 धोखाधड़ी का तरीका
- पीड़ित फर्जी लोन ऐप्स इंस्टॉल करते हैं जो तत्काल लोन देने का वादा करते हैं।
- ऐप इंस्टॉल करते समय वे कॉन्टैक्ट्स, गैलरी, कैमरा और लोकेशन की अनुमति मांगते हैं।
- ₹5,000 से ₹20,000 तक का लोन देने के बाद +92 नंबरों से कॉल्स और व्हाट्सएप धमकियां शुरू होती हैं।
- लोन चुकाने में थोड़ी भी देरी होने पर पीड़ित की तस्वीरों को मॉर्फ कर अश्लील बनाकर वायरल करने की धमकी दी जाती है।
- कई बार मॉर्फ की गई तस्वीरें वास्तव में उनके कॉन्टैक्ट्स को भेज दी जाती हैं, जिससे शर्मिंदगी और डर का माहौल बनाया जाता है।
🛠 अगर आप फंस जाएं तो क्या करें?
- पैसे न भेजें — यह ब्लैकमेल नहीं रोकेगा, बल्कि बढ़ाएगा।
- cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या नजदीकी साइबर थाना जाएं।
- सबूत संजोएं — व्हाट्सएप चैट, कॉल लॉग, ऐप की परमिशन और ऐप स्टोर से डाउनलोड डिटेल्स के स्क्रीनशॉट लें।
- +92 और अनजान नंबरों को तुरंत ब्लॉक करें।
- अपने कॉन्टैक्ट्स को सूचित करें कि वायरल की जा रही कोई भी सामग्री फर्जी है।
- सोशल मीडिया पर रिपोर्ट करें और मॉर्फ की गई तस्वीरें हटवाने का अनुरोध करें।
- कानूनी सहायता लें — IPC 354D, 509 व IT Act 66E, 67A के तहत कार्यवाही संभव है।
🛡 रोकथाम के उपाय
✅ अनजान लिंक या वेबसाइट्स से लोन ऐप्स इंस्टॉल न करें।
✅ किसी भी ऐप को कॉन्टैक्ट, गैलरी और कैमरा एक्सेस देने से पहले सोचें।
✅ केवल प्लेस्टोर या ऐप स्टोर पर वेरिफाइड डेवलपर्स के ऐप्स ही डाउनलोड करें।
✅ ऐप्स की परमिशन की समीक्षा समय-समय पर करें।
✅ परिवार के बुजुर्गों और महिलाओं को इन स्कैम्स के बारे में जागरूक करें।
✅ फोन में एंटीवायरस व एंटी-मैलवेयर टूल्स इंस्टॉल रखें।
✅ फर्जी ऐप्स को तुरंत Google Play या Apple App Store पर रिपोर्ट करें।
📢 चेतावनी संदेश
“तुरंत पैसा देने वाले ऐप्स असली नहीं होते। अगर कोई ऐप आपकी फोटो, गैलरी या कॉन्टैक्ट्स तक पहुंच मांगता है — सतर्क हो जाएं। स्कैमर्स इनका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। जागरूक बनें, सुरक्षित रहें।”



