Luv Kush Ramlila: लाल किला रामलीला में केवट बनेंगे मनोज तिवारी, AI और डिजिटल तकनीक से होगा भव्य मंचन
रिपोर्ट: आशीष कुमार
नई दिल्ली के लाल किला मैदान में आयोजित होने वाली विश्व प्रसिद्ध लव कुश रामलीला में इस वर्ष अभिनेता, गायक और सांसद मनोज तिवारी केवट की भूमिका निभाते नजर आएंगे। लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में बताया कि मनोज तिवारी रामलीला मंच पर प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण को केवट के रूप में अपनी मधुर आवाज में गीतों के साथ नाव से नदी पार कराते दिखाई देंगे। मनोज तिवारी पिछले कई वर्षों से लव कुश रामलीला में अलग-अलग किरदार निभाते रहे हैं।
कमेटी के मुताबिक, मनोज तिवारी इससे पहले रामलीला के मंच पर परशुराम और अंगद सहित कई भूमिकाएं निभा चुके हैं। इस बार उनके केवट के किरदार को लेकर मंचन को विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है। मनोज तिवारी ने कहा कि उन्हें एक बार फिर प्रभु श्रीराम की सेवा का अवसर मिलने पर खुशी है और वह इस भूमिका को पूरी लगन और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने बताया कि उनका रामलीला से जुड़ाव बचपन से रहा है और गांव की रामलीला से शुरू हुई यह परंपरा आज भी जारी है।
केवट प्रसंग को प्रभावशाली बनाने के लिए इस बार पारंपरिक रामलीला के साथ आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। कमेटी के अनुसार मंचन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर ग्राफिक्स, एनीमेशन, डिजिटल तकनीक, हाईटेक प्रोजेक्शन मैपिंग, विजुअल इफेक्ट और 8-ट्रैक डिजिटल साउंड सिस्टम का प्रयोग किया जाएगा। इसके जरिए नदी, नाव और केवट प्रसंग को मंच पर आधुनिक दृश्य प्रभावों के साथ प्रस्तुत करने की तैयारी है।

लव कुश रामलीला कमेटी ने इस बार युवाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ने के लिए भी एक विशेष पहल की जानकारी दी है। कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत रामलीला के निमंत्रण पत्रों पर ‘घर-घर राम, घर-घर तुलसी’ संदेश प्रकाशित किया गया है। इसके अलावा Gen Z के युवाओं को भारतीय संस्कृति और परंपरा से जोड़ने के उद्देश्य से 5,100 तुलसी के पौधे वितरित किए जाएंगे।
दशहरा पर्व के अवसर पर लाल किला मैदान में एक लाख दीपों से भगवान श्रीराम की आकृति बनाने की भी तैयारी है। कमेटी का कहना है कि यह आयोजन रामलीला के मुख्य आकर्षणों में शामिल होगा। पारंपरिक धार्मिक आयोजन के साथ तकनीक और बड़े स्तर के दृश्य प्रभावों को जोड़कर इस वर्ष रामलीला को अलग स्वरूप देने की तैयारी की गई है।
लव कुश रामलीला कमेटी के महासचिव सुभाष गोयल ने बताया कि इस वर्ष रामलीला का मंचन 11 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। 20 अक्टूबर को दशहरा पर्व मनाया जाएगा। इससे पहले 9 अक्टूबर को रामलीला स्थल पर दिल्ली-एनसीआर के स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा संपूर्ण रामायण की प्रस्तुति की जाएगी। यह कार्यक्रम लव कुश रामलीला और अंतर्राष्ट्रीय रामलीला महोत्सव एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित होगा।

कमेटी के चेयरमैन पवन गुप्ता और वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्यभूषण जैन ने बताया कि 11 अक्टूबर को विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ गणेश पूजन के बाद रामलीला का औपचारिक शुभारंभ होगा। इसके लिए वृंदावन, मथुरा और दिल्ली के विद्वान पंडितों द्वारा पूजन कराया जाएगा। कमेटी के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कर कमलों द्वारा गणेश पूजन के बाद प्रभु श्रीराम की लीला का मंचन शुरू किया जाएगा। 21 अक्टूबर को भरत मिलाप और भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ इस वर्ष की रामलीला का समापन होगा।
लाल किला मैदान में होने वाली इस रामलीला में इस वर्ष भी बड़े स्तर पर मंच सज्जा, डिजिटल तकनीक और दृश्य प्रभावों का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे पहले अगस्त में सामने आई जानकारी के मुताबिक आयोजन में चार मंजिला मंच, मीनाक्षी मंदिर थीम और AI आधारित विजुअल इफेक्ट की भी तैयारी की गई थी। कमेटी के अनुसार बॉलीवुड, टीवी और रंगमंच से जुड़े कलाकार भी अलग-अलग किरदारों में नजर आएंगे।



