Home State Delhi NCR NauRatra 2025: दिल्ली में 123वें नवरात्र महोत्सव के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा-कूष्मांडा का संयुक्त पूजन

NauRatra 2025: दिल्ली में 123वें नवरात्र महोत्सव के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा-कूष्मांडा का संयुक्त पूजन

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NauRatra 2025: दिल्ली में 123वें नवरात्र महोत्सव के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा-कूष्मांडा का संयुक्त पूजन

NauRatra 2025: दिल्ली में 123वें नवरात्र महोत्सव के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा-कूष्मांडा का संयुक्त पूजन

रिपोर्ट: आशीष कुमार

दिल्ली, दिल्ली के गोरख पार्क, शाहदरा में सदगुरु राजदरबार के तत्वावधान में 123वें नवरात्र महोत्सव एवं धर्म सम्मेलन का तीसरा दिन बेहद श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सदगुरु राजदरबार की  संस्थापिका श्री श्री 108 राजमाता जी महाराज के आशीर्वाद और स्वामी श्री राजेश्वरानंद जी महाराज की सान्निध्य में मां चंद्रघंटा और मां कूष्मांडा का संयुक्त पूजन किया गया।

सदगुरु राजदरबार के प्रबंधक राम वोहरा ने बताया कि स्वामी श्री राजेश्वरानंद जी महाराज ने जनकल्याण और विश्व शांति के भाव से पूर्ण नवरात्र मौन साधना के दौरान दोनों देवियों का संयुक्त पूजन किया। उन्होंने इसे “महासंगम” के रूप में बताया, जिस प्रकार दो नदियों का संगम होता है, उसी तरह दो शक्तिशाली देवीयों का एक साथ पूजन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

पूजन के दौरान भक्तों को विशेष संदेश दिया गया कि केवल बाहरी दिखावे के लिए पूजा न करें। स्वामी जी ने कहा कि “पहले घर बैठी हुई मां को मना, फिर बेटा मेरी शरण में तू आ।” उन्होंने स्पष्ट किया कि नवरात्र महोत्सव या दुर्गा पूजा में जाने से पहले घर पर मां की सेवा, सम्मान और उचित भोजन का प्रबंध करना आवश्यक है। मूर्ति को भव्य भोग और लहंगे पहनाना पर्याप्त नहीं है अगर घर पर मां के लिए ढंग का प्रबंध नहीं है तो यह पूजा केवल दिखावे और आडंबर मात्र बनी रहती है।

पूजन और चौकी के दौरान सुनील फकीर ने गुरु वंदना प्रस्तुत की और उनके पुत्र राहुल कक्कड़ ने भजन गायन करते हुए देशभक्ति गीत “तेरी मिट्टी में मिल जांवा” प्रस्तुत किया। भक्तों ने भक्ति में लीन होकर करतल ध्वनि से उनका उत्साह बढ़ाया। इसके साथ ही नृत्य नाटिका कलाकारों ने गौरीशंकर विवाह रूपी नृत्यनाटिका का अद्भुत मंचन किया, जिसने सभी उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में चौकी के बाद सामूहिक रूप से दुर्गा चालीसा का पाठ किया गया, जिसे दरबार में विशेष महत्व प्राप्त है। इसके साथ ही फलाहार भंडारा का वितरण कर सभी भक्तों को सम्मिलित किया गया।

सदगुरु राजदरबार ने यह भी बताया कि धर्म को माध्यम बनाकर कुछ लोग यंत्र, मंत्र और तंत्र के नाम पर भोलेभाले लोगों को चमत्कार दिखाकर ठगने का प्रयास कर रहे हैं। इस दिशा में शनिवार को एक विशेष जादू जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, ताकि लोग इन भ्रमों से मुक्त हो सकें और सतर्क रहकर वास्तविक धर्म व भक्ति की ओर अग्रसर हों।

इस प्रकार 123वें नवरात्र महोत्सव का तीसरा दिन भक्तिमय और शिक्षाप्रद अनुभव बन गया, जिसमें न केवल पूजा-पाठ बल्कि समाज में जागरूकता और सही धार्मिक आचरण का संदेश भी सभी उपस्थित लोगों तक पहुँचाया गया।

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