Operation Milap: दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने “ऑपरेशन मिलाप” के तहत 3 महीने से लापता महिला और उसके बेटे को सकुशल किया बरामद
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की एनआर-II यूनिट ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए अलीपुर थाना क्षेत्र से तीन महीने से लापता 27 वर्षीय महिला और उसके सात वर्षीय बेटे को सुरक्षित बरामद कर लिया है। यह खोज एक गहन तकनीकी विश्लेषण और ज़मीनी खुफिया जानकारी के समन्वित प्रयासों के माध्यम से संभव हो सकी। यह ऑपरेशन “ऑपरेशन मिलाप” के तहत चलाया गया, जिसमें लापता लोगों को उनके परिवारों से मिलाने का उद्देश्य रखा गया है।
घटना की शुरुआत 13 अप्रैल 2025 को हुई, जब अलीपुर थाने में महिला और उसके नाबालिग बेटे के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई। महिला की अचानक अनुपस्थिति ने परिवार को गहरे सदमे और चिंता में डाल दिया। दिल्ली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए खोजबीन शुरू की और जनता से सहयोग की अपील करते हुए महिला और बेटे की सूचना देने पर ₹20,000 का इनाम भी घोषित किया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर ऑपरेशन की ज़िम्मेदारी महिला प्रधान सिपाही सीमा कल्याण को सौंपी गई। उन्होंने निरीक्षक संदीप स्वामी के पर्यवेक्षण में और सहायक पुलिस आयुक्त उत्तर-II श्री नरेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में कार्य किया। टीम ने लापता महिला और संभावित संदिग्धों से जुड़े कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का बारीकी से विश्लेषण किया और लगभग 10 मोबाइल नंबरों की लोकेशन की जांच की।
तकनीकी सूचनाओं और ज़मीनी जांच के माध्यम से यह पता चला कि महिला और उसका बेटा उत्तर प्रदेश के मेरठ क्षेत्र में हो सकते हैं। यह अहम सुराग मिलते ही निरीक्षक संदीप स्वामी ने एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया। टीम ने मेरठ में तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों पीड़ितों को सुरक्षित बरामद कर लिया।
बरामदगी के बाद दोनों को थाना अलीपुर लाया गया, जहाँ उन्हें जीडी संख्या 51A दिनांक 26 जुलाई 2025 के तहत जांच अधिकारी को सौंप दिया गया। पुलिस अब इस मामले की आगे की जांच कर रही है, ताकि यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसे न्याय के कठघरे में लाया जा सके।
यह सफलता न केवल तकनीकी और जमीनी रणनीतियों के उत्कृष्ट समन्वय का उदाहरण है, बल्कि यह दिल्ली पुलिस की उस प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है जिसके अंतर्गत लापता व्यक्तियों—विशेष रूप से नाबालिगों—की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा जाता है। “ऑपरेशन मिलाप” जैसे अभियानों ने अनेक परिवारों को फिर से एकजुट किया है और पुलिस तथा नागरिकों के बीच विश्वास को मजबूत किया है।


