Delhi: सदर बाजार को शिफ्ट करने की अफवाहों से व्यापारी परेशान, फेस्टा ने मुख्यमंत्री से रुख स्पष्ट करने की मांग की
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
दिल्ली का ऐतिहासिक सदर बाजार इन दिनों भारी उथल-पुथल और बेचैनी के दौर से गुजर रहा है। वजह है दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का वह बयान, जिसमें सदर बाजार और चांदनी चौक को शिफ्ट करने की संभावना जताई गई है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद व्यापारियों में गहरी चिंता और दहशत का माहौल बन गया है। सुबह से ही पूरे बाजार में अफवाहें फैल गईं और व्यापारी एक-दूसरे को फोन कर हालात की जानकारी लेते नजर आए।
फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेड्स एसोसिएशन (फेस्टा) के चेयरमैन परमजीत सिंह पम्मा, अध्यक्ष राकेश यादव, महासचिव राजेंद्र शर्मा, वरिष्ठ सदस्य सतपाल सिंह मांगा और कमल कुमार ने संयुक्त बयान जारी कर मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे सार्वजनिक रूप से अपना रुख स्पष्ट करें ताकि व्यापारियों में फैली दहशत और अफवाहों का सिलसिला खत्म हो। व्यापारिक संगठन के नेताओं का कहना है कि बाजार को शिफ्ट करने का विचार न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि इससे लाखों परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा।
फेस्टा चेयरमैन परमजीत सिंह पम्मा और अध्यक्ष राकेश यादव ने कहा कि सदर बाजार दिल्ली के सबसे बड़े और पुराने व्यापारिक केंद्रों में से एक है। इसे शिफ्ट करने के बजाय इसके मौजूदा ढांचे को रीडेवलप किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाजार में रोजाना ट्रैफिक जाम, सीवर लाइन की समस्या, बिजली की लचर व्यवस्था और पार्किंग जैसी तमाम परेशानियां हैं, जिन्हें आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए हल किया जा सकता है। यदि सरकार ईमानदारी से इस दिशा में काम करे तो व्यापारियों को राहत मिलेगी और बाजार की रौनक भी बनी रहेगी।
व्यापारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनके हितों को नजरअंदाज किया और बाजार शिफ्ट करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। पम्मा और यादव ने बताया कि वे शीघ्र ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से इस मुद्दे पर मुलाकात करेंगे और सदर बाजार की समस्याओं के समाधान के लिए एक ज्ञापन भी सौंपेंगे।
व्यापारी नेताओं का कहना है कि सदर बाजार केवल एक व्यापारिक केंद्र नहीं, बल्कि दिल्ली की सांस्कृतिक और आर्थिक धरोहर है। यहां लाखों लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार पाते हैं। ऐसे में बिना व्यापारियों की राय और सहमति के कोई भी कदम उठाना उचित नहीं होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे व्यापारियों की भावनाओं का सम्मान करें और सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करें कि बाजार शिफ्ट करने की कोई योजना नहीं है, ताकि सदर बाजार में दोबारा सामान्य माहौल लौट सके।



