Cyber Security Alert: आपके नाम पर कितने बैंक खाते हैं? ऐसे करें मिनटों में पता
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
डिजिटल दौर में साइबर फ्रॉड और फर्जी बैंक खातों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कई बार लोगों के नाम और दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर बैंक खाते खोल दिए जाते हैं और उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं होती। ऐसे खाते बाद में साइबर अपराध, मनी लॉन्ड्रिंग और म्यूल अकाउंट्स जैसे मामलों में इस्तेमाल किए जाते हैं। इसलिए यह जानना बेहद जरूरी हो गया है कि आपके नाम पर कितने बैंक खाते मौजूद हैं।
जिस तरह दूरसंचार विभाग के संचार साथी पोर्टल के जरिए लोग यह पता कर सकते हैं कि उनके नाम पर कितने मोबाइल सिम कार्ड जारी हुए हैं, उसी तरह अब भारत में कुछ आधिकारिक और सुरक्षित तरीके उपलब्ध हैं जिनकी मदद से आप अपने PAN या आधार से जुड़े बैंक खातों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने Account Aggregator Framework शुरू किया है। यह एक सुरक्षित डिजिटल सिस्टम है, जिसमें RBI से लाइसेंस प्राप्त कंपनियां आपकी अनुमति से विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों से जुड़ा डेटा एकत्रित करती हैं। इन कंपनियों को Account Aggregators यानी AA कहा जाता है।
इन AA प्लेटफॉर्म्स की मदद से आप यह देख सकते हैं कि आपके PAN या आधार नंबर से कौन-कौन से बैंक खाते जुड़े हुए हैं। खास बात यह है कि पूरा सिस्टम आपकी सहमति पर आधारित होता है और बिना अनुमति कोई भी डेटा साझा नहीं किया जाता।
भारत में कई RBI लाइसेंस प्राप्त Account Aggregators सक्रिय हैं। इनमें Finvu, OneMoney, NESL AA, CAMSFinServ, Perfios AA और Yodlee FinSoft प्रमुख नाम हैं। इन प्लेटफॉर्म्स पर रजिस्ट्रेशन करके यूजर्स अपने वित्तीय डेटा को एक जगह देख सकते हैं।
Finvu एक मोबाइल ऐप आधारित प्लेटफॉर्म है जो व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट दोनों तरह के डेटा शेयरिंग की सुविधा देता है। वहीं OneMoney भारत का पहला Account Aggregator माना जाता है, जो बैंकों और NBFCs से डेटा इकट्ठा करता है। NESL AA सरकारी समर्थन वाला सुरक्षित प्लेटफॉर्म है, जबकि CAMSFinServ निवेश और बैंकिंग डेटा उपलब्ध कराता है। Perfios AA तेज और सुरक्षित डेटा एक्सेस के लिए जाना जाता है।
यदि आप अपने नाम से जुड़े बैंक खातों की जानकारी देखना चाहते हैं, तो सबसे पहले किसी RBI लाइसेंस प्राप्त AA ऐप या वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करें। इसके बाद आधार या PAN के जरिए लॉगिन करें। फिर उन बैंकों या वित्तीय संस्थानों को चुनें जिनका डेटा आप देखना चाहते हैं। इसके बाद OTP आधारित सहमति देनी होती है। प्रक्रिया पूरी होने पर आपके नाम से जुड़े बैंक खाते और अन्य वित्तीय उत्पादों की कंसोलिडेटेड रिपोर्ट सामने आ जाती है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को केवल आधिकारिक और RBI लाइसेंस प्राप्त प्लेटफॉर्म्स का ही इस्तेमाल करना चाहिए। किसी भी अनधिकृत ऐप या थर्ड पार्टी वेबसाइट पर निजी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।
इसके अलावा अन्य सरकारी और आधिकारिक तरीकों से भी बैंक खातों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। आयकर विभाग के Form 26AS और AIS पोर्टल पर लॉगिन करके PAN से जुड़े बैंक खातों की जानकारी देखी जा सकती है। वहीं CIBIL, Experian, Equifax और CRIF Highmark जैसी क्रेडिट रिपोर्ट एजेंसियों की रिपोर्ट में भी PAN से जुड़े खाते और लोन की जानकारी दिखाई देती है।
जरूरत पड़ने पर व्यक्ति सीधे बैंक शाखा में जाकर भी आधार या PAN के जरिए अपने नाम से जुड़े खातों की जानकारी मांग सकता है। वहीं संचार साथी पोर्टल मुख्य रूप से मोबाइल नंबरों की जानकारी देता है, लेकिन कई मामलों में यह धोखाधड़ी वाले खातों से जुड़े नंबरों की जांच में मददगार साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को संदेह हो कि उसके नाम पर फर्जी बैंक खाते खोले गए हैं, तो उसे तुरंत संबंधित बैंक को सूचित करना चाहिए और साइबर सेल में शिकायत दर्ज करनी चाहिए। समय रहते कार्रवाई करने से बड़े वित्तीय नुकसान और कानूनी परेशानियों से बचा जा सकता है।



