Fake Currency Racket: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने नकली नोटों के बड़े गिरोह का किया भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दिल्ली-एनसीआर और पश्चिम बंगाल के मालदा जिले तक फैले नकली भारतीय मुद्रा (एफआईसीएन) रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 200 रुपये के मूल्यवर्ग में 3 लाख रुपये की नकली भारतीय मुद्रा बरामद की है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह अंतर्राज्यीय गिरोह पश्चिम बंगाल से नकली नोट लाकर दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में खपाने का काम कर रहा था।
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार 13 और 14 जून 2026 की मध्यरात्रि को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि नकली भारतीय मुद्रा की एक बड़ी खेप दिल्ली में पहुंचने वाली है। सूचना के आधार पर एसीपी अशोक शर्मा के निर्देशन और इंस्पेक्टर अजय गहलावत के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने रोहिणी सेक्टर-18 स्थित मुनक नहर के पास जाल बिछाकर तीन संदिग्धों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरियाणा के रोहतक निवासी नरेंद्र कुमार उर्फ सेक्रेटरी उर्फ कल्लू, पश्चिम बंगाल के मालदा निवासी अस्तारुल और राइजुल हक के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपी नकली नोटों की तस्करी और वितरण नेटवर्क से जुड़े हुए थे। गिरफ्तारी के दौरान उनके कब्जे से 200 रुपये के नकली नोटों की बड़ी खेप बरामद हुई।
प्रारंभिक जांच में पाया गया कि बरामद नकली नोटों पर एक ही सीरियल नंबर का बार-बार इस्तेमाल किया गया था और उनमें असली नोटों जैसी सुरक्षा विशेषताएं मौजूद नहीं थीं। इसके बाद नकली नोटों को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया। मामले में क्राइम ब्रांच थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि नरेंद्र कुमार दिल्ली-एनसीआर में नकली नोटों का मुख्य प्राप्तकर्ता और वितरक था, जबकि अस्तारुल और राइजुल हक पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से नकली नोट दिल्ली पहुंचाने का काम करते थे। पुलिस को शक है कि इस गिरोह के तार कई अन्य राज्यों तक भी जुड़े हो सकते हैं।
नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए पुलिस ने आरोपियों की रिमांड हासिल की और एक विशेष टीम को मालदा तथा कोलकाता भेजा। वहां विभिन्न स्थानों पर जांच की गई और नकली मुद्रा नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग जुटाए गए। पुलिस अब इस रैकेट में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी नरेंद्र कुमार उर्फ कल्लू एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ नकली मुद्रा, डकैती, शस्त्र अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट समेत 12 से अधिक आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। वहीं राइजुल हक का नाम भी पश्चिम बंगाल के एक गंभीर आपराधिक मामले में सामने आ चुका है।
क्राइम ब्रांच का कहना है कि समय रहते इस खेप को पकड़कर दिल्ली-एनसीआर में नकली नोटों के प्रसार को रोक दिया गया। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई देश की आर्थिक और वित्तीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई है। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना है।



