रिपोर्ट: मन्मीन वालिया, नई दिल्ली
शाहदरा, दिल्ली में दिल्ली पुलिस द्वारा चलाया जा रहा “ऑपरेशन विश्वास 2026” एक बड़ी और सराहनीय पहल बनकर सामने आया है। इस अभियान के तहत अब तक करीब 50 लाख रुपये कीमत के कुल 320 चोरी, छीने गए, लूटे गए और खोए हुए मोबाइल फोन सफलतापूर्वक बरामद किए गए हैं। यह अभियान 1 जनवरी 2026 को शुरू किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों के खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ढूंढकर उन्हें वापस दिलाना और जनता का पुलिस पर विश्वास मजबूत करना है। यह अभियान अभी भी जारी है और आगे और अधिक बरामदगी होने की संभावना है।
इस पूरे ऑपरेशन में शाहदरा जिले की तकनीकी निगरानी टीम ने अहम भूमिका निभाई। इस टीम का नेतृत्व एएसआई दीपक कुमार ने किया, जिसमें एचसी गगन दीप, एचसी तेजवीर सिंह और मनोज कुमार जैसे अधिकारी शामिल रहे। टीम ने IMEI ट्रैकिंग, CDR विश्लेषण और भारत सरकार के CEIR पोर्टल जैसे आधुनिक तकनीकी साधनों का उपयोग कर चोरी और खोए हुए मोबाइल फोन को देश के विभिन्न हिस्सों में ट्रैक किया। कुल बरामद 320 मोबाइल फोन में से 75 मोबाइल फोन केवल CEIR पोर्टल की मदद से खोजे गए। तकनीकी टीम द्वारा जुटाई गई जानकारी के आधार पर शाहदरा जिले के अलग-अलग थानों की 13 टीमों ने लगातार छापेमारी कर इन मोबाइल फोन को बरामद किया।

अगर पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो शाहदरा पुलिस का प्रदर्शन लगातार बेहतर रहा है। वर्ष 2023 में 205 मोबाइल फोन, 2024 में 555, 2025 में 711 और वर्ष 2026 में अब तक 320 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। इस तरह कुल 1791 मोबाइल फोन अब तक बरामद किए जा चुके हैं, जो इस अभियान की सफलता को दर्शाता है।
थाना स्तर पर भी पुलिस टीमों ने सराहनीय कार्य किया। शाहदरा थाना ने सबसे अधिक 88 मोबाइल फोन बरामद किए, इसके बाद जीटीबी एन्क्लेव ने 68 और सीमापुरी थाना ने 51 मोबाइल फोन बरामद किए। इसके अलावा आनंद विहार थाना ने 43, फर्श बाजार ने 21, गीता कॉलोनी ने 20, एमएस पार्क ने 10, जगतपुरी ने 7, गांधी नगर ने 5, विवेक विहार ने 4 और कृष्णा नगर थाना ने 3 मोबाइल फोन बरामद किए।
राज्यवार आंकड़ों के अनुसार, 317 मोबाइल फोन दिल्ली से, 2 उत्तर प्रदेश से और 1 हरियाणा से बरामद किया गया। वहीं मामलों के प्रकार के अनुसार 259 मोबाइल फोन ऐसे थे जो लोगों से खो गए थे, 42 चोरी के, 13 स्नैचिंग के, 5 हाउस थेफ्ट के और 1 लूट का मामला था।
28 मार्च 2026 को शाहदरा स्थित डीसीपी कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सभी 320 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद वापस सौंपे गए। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. ए.के. सिंगला उपस्थित रहे, जिन्होंने पुलिस टीमों के कार्य की सराहना की और जनता से पुलिस के साथ सहयोग करने की अपील की।
इस पूरे अभियान का नेतृत्व डीसीपी शाहदरा राजेंद्र प्रसाद मीणा ने किया। उनके मार्गदर्शन में तकनीकी और फील्ड टीमों ने मिलकर शानदार काम किया। डीसीपी ने अपने संबोधन में टीमों की मेहनत की प्रशंसा की और भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रखने का भरोसा दिया।
डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा और उनकी पूरी टीम की जितनी सराहना की जाए, उतनी कम है। उनकी मेहनत, ईमानदारी और बेहतर नेतृत्व ने इस अभियान को सफल बनाया है। तकनीकी टीम और फील्ड स्टाफ ने दिन-रात मेहनत कर लोगों को उनकी खोई हुई संपत्ति वापस दिलाई, जिससे जनता का पुलिस पर विश्वास और मजबूत हुआ है। दिल्ली पुलिस की यह पहल एक उदाहरण है कि आधुनिक तकनीक और मजबूत टीमवर्क के जरिए अपराध पर प्रभावी तरीके से नियंत्रण पाया जा सकता है। यह अभियान न केवल एक सफलता की कहानी है, बल्कि भविष्य के लिए एक प्रेरणा भी है।


