Monday, May 25, 2026

Creating liberating content

Delhi Crime Branch: 11...

Delhi Crime Branch: 11 आपराधिक मामलों में शामिल फरार शस्त्र अपराधी मनाली से...

Understanding_the_specific_wagering_requirements_attached_to_the_weekly_monroe_casino_free_spin_prom

Die spezifischen Umsatzbedingungen der wöchentlichen Free-Spin-Aktionen im Monroe Casino verstehen Wie die wöchentlichen Free-Spins...

Delhi Crime: शाहदरा में...

Delhi Crime: शाहदरा में फीमेल डॉग से दुष्कर्म का आरोप, वीडियो वायरल होने...

Cyber Security Alert: आपके...

Cyber Security Alert: आपके नाम पर कितने बैंक खाते हैं? ऐसे करें मिनटों...
HomeBreakingदिल्ली में बड़ी...

दिल्ली में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम: बांग्लादेश से नेटवर्क चला रहा लश्कर-ए-तैयबा का मास्टरमाइंड गाजीपुर से गिरफ्तार

रिपोर्ट: मन्मीन वालिया, नई दिल्ली

राजधानी दिल्ली में आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पेशल सेल (NDR) ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक खतरनाक और सक्रिय हैंडलर शबीर अहमद लोन उर्फ राजा कश्मीरी (43) को पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर इलाके से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी न केवल एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करती है, बल्कि देश में संभावित आतंकी हमलों और युवाओं की भर्ती की साजिश को भी समय रहते विफल करने में अहम साबित हुई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शबीर अहमद लोन हाल ही में स्पेशल सेल द्वारा पकड़े गए लश्कर-ए-तैयबा मॉड्यूल का मुख्य साजिशकर्ता था। इस मॉड्यूल में एक भारतीय नागरिक सहित सात बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान सामने आया कि शबीर बांग्लादेश में बैठकर इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था और पाकिस्तान स्थित अपने आकाओं के निर्देश पर भारत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने में लगा हुआ था।

नेपाल के रास्ते भारत में एंट्री, युवाओं को बना रहा था निशाना
खुफिया इनपुट के आधार पर यह खुलासा हुआ कि अपने साथियों की गिरफ्तारी के बाद शबीर को पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स द्वारा भारत में नए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें आतंकी संगठन में शामिल करने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी मिशन के तहत वह अवैध रूप से नेपाल के रास्ते भारत में दाखिल हुआ और गुप्त रूप से अपनी गतिविधियों को अंजाम देने लगा।

सटीक सूचना पर दबोचा गया आरोपी स्पेशल सेल की टीम ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर 29 मार्च 2026 की रात करीब 10:30 बजे गाजीपुर नाले के पास एक सुनियोजित ऑपरेशन चलाकर आरोपी को गिरफ्तार किया। यह ऑपरेशन वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में बेहद पेशेवर तरीके से अंजाम दिया गया। पूछताछ में सामने आया है कि शबीर के सीधे संपर्क पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी कमांडरों अबू हुजैफा, सुमामा बाबर और अब्दुल रहमान से थे। ये सभी उसे सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए निर्देश देते थे। इसके अलावा उसके संबंध अन्य आतंकी संगठनों के सदस्यों से भी जुड़े पाए गए हैं। शबीर अहमद लोन का आपराधिक और आतंकी इतिहास काफी पुराना है। वर्ष 2007 में दिल्ली स्पेशल सेल ने उसे गिरफ्तार किया था, जिसमें उसके पास से AK-47 राइफल, ग्रेनेड और भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए थे। इस मामले में उसे दोषी भी ठहराया जा चुका है। इसके अलावा वर्ष 2016 में जम्मू-कश्मीर में भी उसे हथियारों के साथ पकड़ा गया था।

बांग्लादेश में बनाया ‘लॉन्चिंग पैड’, दो शादियां कर बनाया नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया कि शबीर ने वर्ष 2025 में अपने परिवार के साथ बांग्लादेश जाकर वहां ‘लॉन्चिंग पैड’ तैयार किया। स्थानीय लोगों में घुलने-मिलने और संदेह से बचने के लिए उसने वहां दूसरी शादी भी कर ली और एक मजबूत नेटवर्क खड़ा किया।

भारत में पोस्टर और रेकी के जरिए टेस्ट कर रहा था आतंकी मॉड्यूल
आरोपी के हैंडलर्स द्वारा भेजे गए भड़काऊ पोस्टरों को दिल्ली और कोलकाता में लगवाया गया, जिससे नए भर्ती किए गए युवाओं की क्षमता का परीक्षण किया जा सके। इसके अलावा इन युवाओं से देश के भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील स्थानों की रेकी भी करवाई गई थी।

गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से 2300 बांग्लादेशी टका, 5000 पाकिस्तानी रुपये, 3000 भारतीय रुपये और 1400 नेपाली रुपये बरामद किए गए। इसके अलावा एक नेपाली सिम कार्ड, कीपैड फोन, आधार कार्ड की कॉपी, बैग और कपड़े भी मिले हैं।

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि शबीर सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को गुमराह कर उन्हें आतंकी संगठनों में शामिल कर रहा था। उसका मुख्य निशाना जम्मू-कश्मीर के अलावा देश के अन्य राज्यों के युवा थे।

स्पेशल सेल और केंद्रीय एजेंसियों की इस संयुक्त कार्रवाई ने एक बड़े आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। समय रहते इस मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी से कई निर्दोष जिंदगियां बचाई जा सकी हैं और देश की सुरक्षा को मजबूती मिली है।
इस सफल ऑपरेशन के लिए स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाह और डीसीपी प्रवीण कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व की विशेष सराहना की जा रही है। उनकी कुशल रणनीति, सतर्क निगरानी और सटीक निर्णय लेने की क्षमता ने इस ऑपरेशन को सफल बनाया। साथ ही, स्पेशल सेल की पूरी टीम ने जिस समर्पण, साहस और पेशेवर दक्षता के साथ इस कार्रवाई को अंजाम दिया, वह काबिल-ए-तारीफ है।

अंत में यह कहा जा सकता है कि दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई ने एक बड़े खतरे को समय रहते टाल दिया। यह ऑपरेशन आतंक के खिलाफ लड़ाई में एक और बड़ी जीत के रूप में दर्ज किया।

Get notified whenever we post something new!

Continue reading

डाबरी मर्डर केस में द्वारका पुलिस की बड़ी कार्रवाई: दो एनकाउंटर में दोनों आरोपी गिरफ्तार

Report: Manmeen Walia, New Delhi दिल्ली के द्वारका जिले में डाबरी इलाके में हुई चाकूबाजी और हत्या की घटनाओं के बाद द्वारका पुलिस ने जिस तेजी, हिम्मत और प्रोफेशनल तरीके से कार्रवाई की, वह सच में काबिले-तारीफ है। कुशल पाल...

36 घंटे में बड़ी चोरी का खुलासा: द्वारका साउथ पुलिस ने 3 चोरों समेत एक किशोर को दबोचा, 100% सामान बरामद

रिपोर्ट: मन्मीन वालिया, नई दिल्ली द्वारका जिले के थाना द्वारका साउथ की पुलिस टीम ने शानदार और तेज कार्रवाई करते हुए महज 36 घंटे के भीतर एक बड़े घर चोरी के मामले का खुलासा कर दिया। इस कार्रवाई में तीन...

ऑपरेशन विश्वास 2026: शाहदरा पुलिस की ऐतिहासिक सफलता

रिपोर्ट: मन्मीन वालिया, नई दिल्ली शाहदरा, दिल्ली में दिल्ली पुलिस द्वारा चलाया जा रहा “ऑपरेशन विश्वास 2026” एक बड़ी और सराहनीय पहल बनकर सामने आया है। इस अभियान के तहत अब तक करीब 50 लाख रुपये कीमत के कुल 320...

Enjoy exclusive access to all of our content

Get an online subscription and you can unlock any article you come across.